औरंगाबाद में “स्वास्थ्य सेवा” या खुला Regulatory Collapse? नवजात शिशुओं की जिंदगी, आम जनता की सुरक्षा और कानून—क्या सब कुछ रसूख के आगे बौना हो चुका है?
औरंगाबाद जिला आज एक बेहद असहज और खतरनाक सवाल के सामने खड़ा है। सवाल सिर्फ...
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औरंगाबाद जिला आज एक बेहद असहज और खतरनाक सवाल के सामने खड़ा है। सवाल सिर्फ...
2025 के बिहार विधानसभा चुनाव से लेकर 2029 के लोकसभा चुनाव तक देश की राजनीति...
बिहार की राजनीति ने शुक्रवार को एक ऐसा अभूतपूर्व दृश्य देखा, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के...
बिहार की धरती पर आज भी ‘जन आरोग्य’ का नारा एक क्रूर मज़ाक बनकर...
बिहार के औरंगाबाद जिले की ओबरा विधानसभा सीट सिर्फ एक चुनावी क्षेत्र नहीं, बल्कि बिहार...
मगध एक्सप्रेस :- औरंगाबाद जिले के देव प्रखंड क्षेत्र के बालूगंज से औरंगाबाद जाने वाली...
वैदिक मंत्रों और ध्वनियों का सही उच्चारण केवल धार्मिक कर्मकांडों में ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक और मानसिक उन्नति के लिए भी महत्वपूर्ण है। हर ध्वनि के पीछे एक गहरा विज्ञान और ऊर्जा होती है, जिसका सही उच्चारण करने से व्यक्ति को मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है। लेकिन आज, कई लोग इन मंत्रों को केवल एक औपचारिकता के रूप में लेते हैं और उनके सही उच्चारण और व्याकरण का महत्व नहीं समझते, जिससे उनका असली प्रभाव क्षीण हो जाता है।
नगर परिषद औरंगाबाद के लिए अध्यक्ष उपाध्यक्ष सहित 33 पार्षद पदों के मतदान की तिथि...