औरंगाबाद को मिला स्मृति आधारित शिक्षा का अद्वितीय केंद्र, जीनियस वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स, एशिया बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स बनाने वाले Taxway Kiddoo Play School ने की नई शाखा की शुरुआत
शिक्षा की परिभाषा बदलते हुए, बच्चों की स्मृति–शक्ति और रचनात्मकता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने वाला Taxway Kiddoo Play School अब औरंगाबाद ज़िले में भी अपने शैक्षणिक सफ़र की शुरुआत कर चुका है। औरंगाबाद जिले के हनुमान नगर, मिशन स्कूल रोड पर साईं सिटी अपार्टमेंट के सामने स्थित यह विद्यालय फ्रेंचाइजी, भारत का प्रथम मेमोरी बेस्ड प्ले स्कूल कहलाने वाला यह संस्थान न केवल भारत का बल्कि एशिया का भी पहला मेमोरी बेस्ड प्ले स्कूल कहलाता है। यह प्रतिष्ठान जीनियस वर्ल्ड बुक, एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स तथा इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपने अनूठे शैक्षणिक प्रयोगों के लिए दर्ज हो चुका है।

गतिविधियों की झलकियाँ
टैक्सवे किड्डू में बच्चों के लिए आयोजित गतिविधियाँ केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि हर गतिविधि के पीछे एक शैक्षणिक एवं मनोवैज्ञानिक उद्देश्य जुड़ा होता है।
क्ले मॉडलिंग : बच्चों की कल्पना शक्ति, रंग–बोध और सूक्ष्म मोटर स्किल्स को विकसित करने के लिए उन्हें मिट्टी से पेड़, पक्षी, फल आदि बनाने के लिए प्रेरित किया जाता है।
मोनो एक्ट गतिविधि : जहाँ बच्चे डॉक्टर, वैज्ञानिक, किसान या स्वच्छ भारत अभियान जैसे पात्र निभाकर सामाजिक मूल्यों को समझते और आत्मविश्वास विकसित करते हैं।
भाषाई गीत और बालगीत : स्थानीय एवं राष्ट्रीय भाषा–साहित्य से जुड़ाव कराते हुए बच्चों को मातृभाषा की मधुरता और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का कार्य किया जाता है।

औरंगाबाद में संचालित Kiddoo Play School में आयोजित गतिविधियों की विशेषता यह है कि हर खेल और हर पाठ बच्चों की स्मरण–शक्ति, आत्मविश्वास, भाषा–कौशल और रचनात्मकता को विकसित करता है। क्ले मॉडलिंग से लेकर मोनो एक्ट और बालगीत प्रतियोगिता तक—हर आयोजन बच्चों की कल्पनाशीलता और सोचने–समझने की क्षमता को मज़बूत करता है।
मगध एक्सप्रेस की टीम से बातचीत के दौरान किद्दू प्ले स्कूल, औरंगाबाद की प्राचार्या रिंकू सिंह ने इस अवसर पर कहा—“औरंगाबाद जैसे उभरते शैक्षणिक नगर में टैक्सवे किड्डू की यह शाखा केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों की कल्पना और स्मरण–शक्ति को जागृत करने का माध्यम होगी। हम चाहते हैं कि हर बच्चा खेल–खेल में सीखे और जो सीखे वह जीवनभर याद रखे। यही टैक्सवे किड्डू की पहचान है।”

मगध एक्सप्रेस की टीम में Taxway ग्रुप के द्वारा संचालित स्कूल में बच्चों की गतिविधियों का मूल्यांकन किया तथा वहां उपस्थित अभिभावकों से बातचीत की। सभी ने हर्ष जाहिर करते हुए बताया कि औरंगाबाद जिला शिक्षा के क्षेत्र में हमेशा अग्रणी रहा है, वैसे कई संस्थान यहां शिक्षा के नाम पर मोटी रकम वसूल रहे हैं लेकिन बच्चों को स्मृति आधारित कौशल शिक्षा की बात तो दूर बच्चों को घर पर ट्यूशन करना पड़ता है।
अपने बच्चे का नामांकन करने आए चंदौली के रहने वाले अभिभावक विकाश कुमार सुमन ने अपने वक्तव्य में कहा कि छोटे बच्चों को पढ़ाई से ज्यादा एक्टिविटी, डे केयर और खेल खेल में सीखने की अभिवृति पर ध्यान देने वाला स्कूल जिला का प्रथम स्कूल है। जैसे ही हमें Taxway ग्रुप के स्कूल के बारे में पता चला वे बिना देर किए अपने बच्चे का नामांकन कराने यहां आए हैं। विकाश के मुताबिक छोटे बच्चों का फीस स्ट्रक्चर जिले के अन्य स्कूल के मुताबिक अभिभावक के पॉकेट को देखते हुए काफी आकर्षक है, यही नहीं लेट फीस के नाम पर भारी भरकम रकम वसूलने की परंपरा को भी खत्म करने में कारगर साबित होगा।
विद्यालय के निदेशक राकेश सोलंकी ने मगध एक्सप्रेस की टीम के साथ बातचीत में कहा—“हमारा उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान देना नहीं, बल्कि बच्चों के भीतर छिपी क्षमताओं को उभारना है। टैक्सवे किड्डू ने देशभर में जिस स्मृति–आधारित शिक्षा पद्धति की नींव रखी है, उसी पर चलते हुए हम औरंगाबाद के बच्चों को विश्व–स्तरीय शिक्षा देंगे। हमें गर्व है कि यह शहर अब देश के नम्बर–1 प्लेग्रुप स्कूल की सुविधाओं से जुड़ गया है।”
औरंगाबाद के लिए नई पहचान
औरंगाबाद ज़िले में शिक्षा को लेकर अभिभावकों की अपेक्षाएँ सदैव ऊँची रही हैं। इस पृष्ठभूमि में टैक्सवे किड्डू का आगमन न केवल बच्चों को आधुनिक तकनीक और अंतरराष्ट्रीय शिक्षा पद्धति से जोड़ेगा, बल्कि जिले की शैक्षणिक छवि को भी एक नया मुक़ाम दिलाएगा।अभिभावकों का मानना है कि इस विद्यालय से बच्चों को बचपन से ही स्मरण शक्ति, रचनात्मक सोच, अनुशासन और आत्मनिर्भरता के गुण मिलेंगे।
अन्य स्कूलों से भिन्नता
जहाँ अधिकांश प्ले स्कूल पारंपरिक खेल–खेल में पढ़ाई की पद्धति अपनाते हैं, वहीं Taxway Kiddoo ने स्मृति–आधारित पद्धति (Memory Based Pedagogy) को केंद्र में रखा है।
यहाँ प्रत्येक बच्चे की दैनिक गतिविधियों का रिकॉर्ड, मासिक इंटरेस्ट चार्ट और वार्षिक वीडियो एल्बम तैयार किया जाता है।
कक्षाएँ एयर–कंडीशंड, इंटरैक्टिव LCD स्क्रीन और डिजिटल टूल्स से सुसज्जित हैं।
माता–पिता की भागीदारी को महत्व देते हुए नियमित अभिभावक–शिक्षक बैठकें, कौशल–निर्माण कार्यशालाएँ और घर–विद्यालय समन्वय पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
बच्चों को योग, कला, संगीत, खेल और रचनात्मक कार्य के माध्यम से संतुलित विकास की दिशा दी जाती है।
औरंगाबाद को अब एक ऐसा मंच मिलेगा जहाँ स्थानीय प्रतिभाएँ राष्ट्रीय–अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा पद्धतियों से जुड़ सकेंगी। दीर्घकाल में यह स्कूल न केवल बच्चों बल्कि अभिभावकों को भी नई शैक्षणिक सोच और पालन–पोषण के वैज्ञानिक तरीके सिखाने में सहायक होगा।
किड्डू प्ले स्कूल का औरंगाबाद में आगमन केवल एक विद्यालय की स्थापना नहीं, बल्कि शिक्षा की नई यात्रा की शुरुआत है। स्मृति–आधारित पद्धति और आधुनिक संसाधनों से लैस यह संस्थान आने वाले समय में जिले के बच्चों के भविष्य को नई दिशा देगा और औरंगाबाद को शिक्षा के मानचित्र पर विशिष्ट स्थान दिलाएगा।
