औरंगाबाद में मुहर्रम को लेकर शांति समिति की बैठक: शांति और सौहार्द सुनिश्चित करने पर जोर, सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी
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औरंगाबाद, 04 जुलाई 2025 – आगामी मुहर्रम पर्व (06 और 07 जुलाई 2025) के अवसर पर शांति, सौहार्द और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से आज समाहरणालय के सभाकक्ष में जिलास्तरीय शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिला पदाधिकारी श्रीकांत शास्त्री की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पुलिस प्रशासन के वरीय पदाधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और दोनों समुदायों के प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।
पर्व के दौरान कड़ी निगरानी और दिशा-निर्देश
सदर अनुमंडल पदाधिकारी संतन कुमार सिंह ने जानकारी दी कि मुहर्रम पर्व आस्था और परंपरा से जुड़ा है, जिसमें लोग झंडा, ताजिया और परंपरागत हथियारों के साथ जुलूस में शामिल होते हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पर्व के दौरान पूरी सतर्कता और संवेदनशीलता के साथ विधि-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
जिला पदाधिकारी श्रीकांत शास्त्री ने निर्देशित किया कि:
बिना विधिवत अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) के कोई भी जुलूस नहीं निकाला जाएगा।
सभी आयोजनों को समय सीमा के भीतर संपन्न करना अनिवार्य होगा।
डीजे के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
जुलूस में बाइक या किसी भी प्रकार के दोपहिया वाहनों का प्रयोग वर्जित रहेगा।
किसी भी आयोजन को प्रशासन की पूर्व स्वीकृति के बिना आयोजित नहीं किया जा सकेगा।
सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी और अफवाहों पर नकेल
बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि छोटे-मोटे विवाद, अफवाहें या सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री सांप्रदायिक तनाव का कारण बन सकती हैं। इसे देखते हुए, मुहर्रम के दौरान सोशल मीडिया की निगरानी के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। किसी भी आपत्तिजनक पोस्ट, वीडियो या टिप्पणी के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई की जाएगी। अफवाह फैलाने वालों को भारतीय न्याय संहिता, 2023 के तहत चिन्हित कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधीक्षक श्री अम्बरीष राहुल ने अपील की कि किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और आपत्तिजनक जानकारी मिलने पर तुरंत पुलिस या प्रशासन को सूचित करें। जिला पुलिस के आधिकारिक हैंडल से भ्रामक जानकारी का तत्काल खंडन किया जाएगा।
संवेदनशील स्थलों की पहचान और सुरक्षा व्यवस्था
जिला पदाधिकारी ने अधिकारियों को सभी जुलूस मार्गों का निरीक्षण करने और पिछले वर्षों के अनुभव के आधार पर संवेदनशील स्थलों की पहचान करने का निर्देश दिया। मंदिर, मस्जिद और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। सभी अनुमंडलों में दंडाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित की गई है, जो 05 जुलाई से 07 जुलाई की रात तक लगातार तैनात रहेंगे।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जिला पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने क्षेत्र में शांति समिति के माध्यम से स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से समन्वय स्थापित करते हुए विधि-व्यवस्था बनाए रखें।
असामाजिक तत्वों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
जिला पदाधिकारी ने विशेष रूप से उन व्यक्तियों को चिह्नित करने का निर्देश दिया, जिनका अतीत सांप्रदायिक तनाव से जुड़ा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी व्यक्ति धर्म, नस्ल, भाषा आदि के आधार पर द्वेष फैलाने का प्रयास करेगा, धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचाएगा, धार्मिक भावनाओं को जानबूझकर ठेस पहुंचाएगा या कानूनी रूप से आयोजित धार्मिक अनुष्ठान में बाधा उत्पन्न करेगा, उनके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 के अंतर्गत सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक के अंत में जिला पदाधिकारी ने दोनों समुदायों के प्रतिनिधियों से आपसी समन्वय और सहयोग बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रशासन सभी आवश्यक व्यवस्थाओं के साथ मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रतिबद्ध है, और नागरिकों की भागीदारी व जिम्मेदारीपूर्ण आचरण से ही सामाजिक सौहार्द और विधि-व्यवस्था बनाए रखी जा सकती है।
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त अनन्या सिंह, सदर एसडीओ संतन कुमार सिंह, दाउदनगर एसडीओ, जिला पंचायती राज पदाधिकारी इफ्तेखार अहमद, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, थाना अध्यक्ष, जिला स्तरीय अधिकारी, समाजसेवी, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और अन्य प्रबुद्धजन उपस्थित थे।
