औरंगाबाद: बलिकरना गांव में विवाद सुलझाने गई पुलिस टीम पर हमला, थानाध्यक्ष समेत चार पुलिसकर्मी घायल
Magadh Express:औरंगाबाद जिले के जम्होर थाना क्षेत्र के बलिकरना गांव में दो पक्षों के विवाद को सुलझाने गई पुलिस टीम पर ग्रामीणों द्वारा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। इस अचानक हुए हमले में जम्होर थानाध्यक्ष सूर्यवीर कुमार और एक महिला पुलिसकर्मी समेत कुल चार पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। वहीं, संघर्ष के दौरान कुछ ग्रामीणों के भी घायल होने की सूचना है।
आईसीयू में चल रहा है थानाध्यक्ष का इलाज
घटना की पुष्टि करते हुए सदर एसडीपीओ सुशील कुमार ने बताया कि स्थिति को नियंत्रित करने पहुंची पुलिस टीम पर आक्रोशित ग्रामीणों ने हमला कर दिया। इस हिंसक झड़प में थानाध्यक्ष सहित चार पुलिसकर्मी चोटिल हुए हैं, जिन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर रूप से घायल थानाध्यक्ष सूर्यवीर कुमार का इलाज फिलहाल सदर अस्पताल के आईसीयू (ICU) में चल रहा है।
क्या है पूरा मामला?
- आपसी विवाद और तनाव: प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बलिकरना गांव में दलित और महादलित परिवारों के दो पक्षों के बीच किसी बात को लेकर मारपीट हुई थी।
- दर्ज हुई थी प्राथमिकी: इस मामले को लेकर जम्होर थाने में पहले ही प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी थी।
- पुलिस की मध्यस्थता: इसी मामले के बाद उपजे तनाव को कम करने और शांति बहाल करने के लिए मंगलवार की रात पुलिस बल गांव पहुंचा था। इसी दौरान स्थिति बिगड़ गई और भीड़ आक्रोशित होकर पुलिस पर हमलावर हो गई।
शराब के खिलाफ कार्रवाई की भी चर्चा
घटना को लेकर क्षेत्र में यह चर्चा भी गर्म है कि पुलिस टीम संभवतः अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई के सिलसिले में गांव में गई थी। सूत्रों के अनुसार, कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिए जाने के बाद ग्रामीण भड़क उठे और उन्होंने पुलिस पर धावा बोल दिया। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने अभी तक आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की है और हमले के असली कारणों की गहराई से जांच की जा रही है।
प्राथमिकी दर्ज, आरोपियों की धरपकड़ तेज
पुलिस ने इस गंभीर मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए नामजद और अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
- छापेमारी जारी: वीडियो फुटेज और अन्य माध्यमों से घटना में शामिल आरोपियों की पहचान की जा रही है।
- प्रशासन की सख्त चेतावनी: पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि कानून को अपने हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है।
