Aurangabad :नवीनगर: कंचनपुर सोन नहर में डूबे 15 वर्षीय किशोर प्रिंस कुमार का शव दूसरे दिन बरामद, परिजनों में मचा कोहराम
संदीप कुमार
Magadh Express: औरंगाबाद जिले के नवीनगर प्रखंड के नरारी कला खुर्द थाना क्षेत्र अंतर्गत कंचनपुर सोन नहर में नहाने के दौरान डूबे 15 वर्षीय किशोर प्रिंस कुमार का शव घटना के दूसरे दिन बरामद कर लिया गया है। एसडीआरएफ (SDRF) टीम और नरारी कला खुर्द थाना पुलिस के संयुक्त एवं लगातार तलाश अभियान के बाद शव फेसर थाना क्षेत्र के सिमरा कैनाल स्थित सोन नहर से बाहर निकाला गया।
नहाने के दौरान गहरे पानी में जाने से हुआ था हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार को प्रिंस कुमार अपने कुछ साथियों के साथ कंचनपुर सोन नहर में नहाने के लिए गया था। इसी दौरान पैर फिसलने या गहरे पानी में चले जाने के कारण वह अचानक डूब गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने अपने स्तर से उसकी काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए नरारी कला खुर्द थाना पुलिस ने तुरंत एसडीआरएफ टीम को सूचना दी और संयुक्त रूप से सघन सर्च अभियान शुरू करवाया। घंटों चली कड़ी मशक्कत के बाद बुधवार को किशोर का शव फेसर थाना क्षेत्र के सिमरा कैनाल से बरामद किया गया।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, गांव में छाया मातम
नहर से शव बरामद होने की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंच गए। अपने लाडले का शव देखते ही परिजनों में कोहराम मच गया। माता-पिता और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जिससे पूरे गांव में मातम और शोक का माहौल छा गया है।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
इस संबंध में नरारी कला खुर्द थानाध्यक्ष दिनेश कुमार ने बताया कि एसडीआरएफ और पुलिस टीम की संयुक्त कार्रवाई में किशोर का शव सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर ली है और उसे पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, औरंगाबाद भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
ग्रामीणों ने की सुरक्षा बढ़ाने की मांग
इस दर्दनाक हादसे के बाद क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। स्थानीय ग्रामीणों और बुद्धिजीवियों ने प्रशासन से मांग की है कि सोन नहर के संवेदनशील इलाकों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए तथा लोगों, विशेषकर बच्चों और युवाओं को नहर में नहाने से रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की अप्रिय और दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
