बिहार पुलिस की बड़ी कार्रवाई: फर्जी “बिहार टूरिज्म हेलीकॉप्टर बुकिंग” वेबसाइट बनाकर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, दो मुख्य आरोपी गिरफ्तार

0
news-2

Magadh Express:बिहार पुलिस की साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई ने राज्य में एक बड़े साइबर फ्रॉड का खुलासा किया है। ठगों ने “बिहार टूरिज्म हेलीकॉप्टर बुकिंग” के नाम से एक फर्जी और बेहद आकर्षक वेबसाइट बनाकर आम जनता को चूना लगाने का काम शुरू किया था। इस मामले में साइबर थाना (पटना) कांड संख्या-959/2026 (दिनांक 06.07.2026) के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज कर दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

​इस तरह देते थे ठगी को अंजाम

​साइबर अपराधियों ने https://bihartourest.com के नाम से एक ऐसी फर्जी वेबसाइट तैयार की थी जो देखने में बिल्कुल असली और आधिकारिक प्रतीत होती थी।

  • ​इस वेबसाइट पर बिहार सरकार की योजनाओं और पर्यटन स्थलों का हवाला देते हुए पटना, राजगीर, नालंदा और बोधगया के लिए हेलीकॉप्टर सेवा शुरू किए जाने का झूठा प्रचार किया गया था।
  • ​लोगों को फंसाने के लिए वेबसाइट पर अलग-अलग हेलीकॉप्टर पैकेज और ऑनलाइन बुकिंग के साथ-साथ भुगतान की पूरी व्यवस्था की गई थी।
  • ​वेबसाइट पर मोबाइल नंबर, ईमेल और सोशल मीडिया लिंक भी उपलब्ध कराए गए थे, जिससे नागरिक इसे सरकारी पोर्टल समझकर आसानी से विश्वास कर बैठे और ठगी का शिकार हो गए।

​वैज्ञानिक और तकनीकी विश्लेषण से हुआ खुलासा

​घटना की गंभीरता को देखते हुए साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई ने वेबसाइट के डोमेन, सर्वर, आईपी एड्रेस, बैंक खातों और डिजिटल लॉग्स की गहरी तकनीकी जांच की।

  • ​जांच के दायरे में GoDaddy, Google LLC, Meta, WhatsApp, रिलायंस जियो, एयरटेल, नवी, एनएचडीएल पेमेंट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और फिनो पेमेंट बैंक जैसे कई बड़े तकनीकी एवं वित्तीय सेवा प्रदाता आए, जिन्हें नोटिस भेजकर साक्ष्य जुटाए गए।
  • ​तकनीकी विश्लेषण से यह स्पष्ट हुआ कि ठगी की गई राशि को विभिन्न फर्जी बैंक खातों और डिजिटल वॉलेट्स के जरिए घुमाया जा रहा था।

​गिरफ्तार आरोपी और बरामद सामान

​साइबर सेल ने तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल लिंकेज के आधार पर गिरोह के दो मुख्य शातिरों को दबोच लिया:

  1. मुन्ना पासवान (पिता- विनोद पासवान), निवासी- बरथ, पोस्ट- मैरा, जिला- नालंदा, बिहार।
  2. मुकेश कुमार (पिता- रामशरण), निवासी- मैदीनीपुर, वारिसलीगंज, नवादा।

​पुलिस ने इनके पास से 02 स्मार्टफोन, 02 कीपैड मोबाइल, 01 लैपटॉप और ठगी के हिसाब-किताब से जुड़ी एक डायरी बरामद की है। पूछताछ में इनके तार इस अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड नेटवर्क से जुड़े पाए गए हैं।

​त्वरित कार्रवाई और जनता के लिए जरूरी चेतावनी

  • वेबसाइट ब्लॉक: आईटी एक्ट की धारा-79(3)(बी) के तहत डोमेन रजिस्ट्रार को नोटिस भेजकर इस फर्जी वेबसाइट को तत्काल प्रभाव से निष्क्रिय (Disable) करा दिया गया है, ताकि अन्य लोगों को ठगा जाने से बचाया जा सके।
  • सतर्कता अपील: साइबर सुरक्षा इकाई ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी सरकारी योजना, पर्यटन सेवा या हेलीकॉप्टर बुकिंग जैसी सुविधाओं के लिए पैसे देने से पहले संबंधित वेबसाइट की आधिकारिक प्रामाणिकता की जांच जरूर करें।
  • शिकायत कहां करें: यदि कोई भी व्यक्ति इस तरह की ऑनलाइन ठगी का शिकार होता है, तो वह तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर “1930” पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।

Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed