बिहार सरकार का बड़ा फैसला: NEET/UG परीक्षा विवाद पर प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी मुकदमे और नोटिस होंगे वापस

0
1001534849

Magadh Express :-NEET/UG परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के संदर्भ में राज्यभर में चल रहे विरोध प्रदर्शनों और उच्च शिक्षा क्षेत्र में जवाबदेही व सुधार की माँगों के बीच बिहार सरकार ने एक बड़ा और राहत भरा कदम उठाया है। बिहार सरकार के गृह विभाग द्वारा इस संबंध में आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी गई है, जिस पर विशेष सचिव क्षत्रनील सिंह (भा०प्र०से०) के हस्ताक्षर हैं। सरकार के इस निर्णय से आंदोलनरत छात्रों और प्रदर्शनकारियों को बड़ी कानूनी राहत मिलने की उम्मीद है।

आंदोलनकारियों के लिए सरकार के चार प्रमुख आश्वासन (प्रेस विज्ञप्ति के आधार पर):

​गृह विभाग द्वारा जारी विज्ञप्ति में स्पष्ट किया गया है कि परीक्षा व्यवस्था में सुधार और पारदर्शिता की माँग को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए सरकार ने निम्नलिखित चार महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं:

  1. दंडात्मक कार्रवाई पर रोक: दिनांक 26.07.2026 की संध्या 06 बजे से पहले तक बिहार राज्य के किसी भी हिस्से में इस विरोध प्रदर्शन में शामिल व्यक्तियों के विरुद्ध सरकार कोई भी दंडात्मक, प्रतिशोधात्मक अथवा प्रतिकूल कानूनी कार्रवाई नहीं करेगी।
  2. मुकदमे और नोटिस वापस लेने की प्रक्रिया: उक्त प्रतिरोध के दौरान 26.07.2026 की संध्या 06 बजे के पूर्व व्यक्तियों के विरुद्ध दर्ज सभी प्राथमिकी (FIR), परिवाद या कारण बताओ नोटिस को वापस लेने के लिए विधिक प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से प्रारंभ की जाएगी।
  3. गिरफ्तार व्यक्तियों की रिहाई: दिनांक 26.07.2026 की संध्या 06 बजे के पूर्व दर्ज कांडों में गिरफ्तार एवं निरोधित (हिरासत में लिए गए) सभी व्यक्तियों को शीघ्र मुक्त किया जाएगा।
  4. भविष्य में भी सुरक्षा: दिनांक 26.07.2026 की संध्या 06 बजे के पूर्व दर्ज कांडों में कोई प्रत्यक्ष या परोक्ष कार्रवाई कांडों में नामित व्यक्तियों के विरुद्ध भविष्य में भी नहीं की जाएगी।

परीक्षा व्यवस्था में सुधार और पृष्ठभूमि

​गौरतलब है कि देश भर के साथ-साथ बिहार में भी NEET/UG परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और व्यवस्थागत कमियों को लेकर छात्र लंबे समय से मुखर थे। परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही तय करने और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए विभिन्न छात्र संगठनों द्वारा लगातार विरोध प्रदर्शन किए जा रहे थे। इन प्रदर्शनों के दौरान कई जगहों पर पुलिस और छात्रों के बीच तनाव की स्थिति भी उत्पन्न हुई थी, जिसके बाद कई छात्रों पर मुकदमे दर्ज किए गए थे और नोटिस भेजे गए थे।

​सरकार द्वारा उठाए गए इस कदम को शिक्षाविदों और सामाजिक हलकों में एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि सरकार के इस निर्णय से छात्रों और प्रशासन के बीच का तनाव कम होगा तथा उच्च शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए रचनात्मक संवाद का मार्ग प्रशस्त होगा।

Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed