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मार्च के अंतिम सप्ताह तक पाठकों के लिए उपलब्ध होगा शब्द के चितेरे भाग 3

मगध एक्सप्रेस [ 13 फरवरी 19 ];-औरंगाबाद जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन के तत्वावधान में न्यू एरिया स्थित धनंजय जयपुरी के आवास पर सम्मेलन के पदाधिकारियों की एक बैठक आहूत की गई जिसमें “शब्द के चितेरे” नामक पुस्तक के तीसरे भाग के प्रकाशन हेतु विचार- विमर्श किया गया. बैठक की अध्यक्षता डॉक्टर सिद्धेश्वर प्रसाद सिंह ने की. महामंत्री मिथिलेश मधुकर ने बतलाया की पुस्तक के मुद्रण तथा प्रूफ रीडिंग का कार्य पूरा कर लिया गया है जिसका प्रकाशन मार्च 2019 अंतिम सप्ताह तक हो जाएगा।

 

उपाध्यक्ष डॉ सुरेंद्र प्रसाद मिश्र ने कहा कि सम्मेलन ने जिले के साहित्यकारों को जगाने का कार्य किया है जिसके फलस्वरूप कई साहित्यकारों की लेखनी पुस्तकों को साकार स्वरूप देने में जुट गई हैं. डॉक्टर रामाशीष सिंह ने कहा कि साहित्यकार समाज का चिन्तनशीलऔर जागरूक प्राणी होता है जिसकी लेखनी से यथार्थ के धरातल पर लोक कल्याण का रेखांकन होता है.डा.रामाधार सिंह के अनुसार समाज के प्रति साहित्यकार का दायित्व आशा का संचार करना तथा उत्साह और कर्तव्य को दिशा देना है.डा. हनुमान राम ने कहा कि साहित्य के अभाव में समाज की स्थिति ठीक वैसी ही होती है जैसी प्राणहीन शरीर की.

 

 

अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉक्टर सिद्धेश्वर प्रसाद सिंह ने कहा कि जन सामान्य को राष्ट्रीयता से ओतप्रोत करने हेतु साहित्य के अतिरिक्त और कोई विधा नहीं हो सकती. वह सामाजिक विषमता रूपी समर में विजयी होने के लिए कलम रूपी तलवार को धारदार बनाए रखने में कभी असावधानी नहीं बरतता. अंत में धनंजय जयपुरी ने आगत साहित्यकारों को धन्यवाद ज्ञापित किया. उपर्युक्त लोगों के अलावा बैठक में शिवदेव , अनुज बेचैन,शिवम कुमार,प्रियव्रत कुमार इत्यादि उपस्थित थे.

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