औरंगाबाद :फर्जी विमुक्ति आदेश से जब्त हाइवा छुड़ाने का मामला,पुलिस ने वाहन को दोबारा किया जब्त, फर्जी आदेश के सहारे सरकारी कार्रवाई को गुमराह करने का मामला उजागर

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Magadh Express:- औरंगाबाद जिले के कुटुंबा थाना क्षेत्र में खनन विभाग द्वारा जब्त किए गए 18 चक्का हाइवा को फर्जी विमुक्ति आदेश के आधार पर छुड़ाने के मामले का औरंगाबाद पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में हाइवा के वाहन मालिक को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान रवि कुमार यादव, पिता-अनिरुद्ध यादव, निवासी गोसाईडीह, थाना-छतरपुर, जिला-पलामू (झारखंड) के रूप में हुई है। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने छुड़ाया गया हाइवा ट्रक भी दोबारा बरामद कर जब्त कर लिया है।


बिना चालान के स्टोन चिप्स ले जाने पर जब्त हुआ था हाइवा
पुलिस के अनुसार, 06 जुलाई 2026 को बिना चालान के करीब 64,150 किलोग्राम स्टोन चिप्स ले जा रहे एक 18 चक्का हाइवा को खनन विभाग की टीम ने जब्त किया था। कार्रवाई के बाद हाइवा को कुटुंबा थाना के हवाले कर दिया गया था।हाइवा को थाना परिसर में रखे जाने के बाद वाहन मालिक ने उसे मुक्त कराने के लिए खनन विभाग से जारी विमुक्ति आदेश प्रस्तुत किया।


फर्जी विमुक्ति आदेश के आधार पर छुड़ाया वाहन
07 अगस्त 2026 को वाहन मालिक रवि कुमार यादव खनन कार्यालय से प्राप्त कथित ‘वाहन विमुक्ति आदेश’ लेकर कुटुंबा थाना पहुंचा। प्रस्तुत दस्तावेज के आधार पर हाइवा को मुक्त कर दिया गया।
बाद में पुलिस को विमुक्ति आदेश की सत्यता पर संदेह हुआ। मामले की जांच करते हुए आदेश का खनन कार्यालय से सत्यापन कराया गया। सत्यापन में विमुक्ति आदेश फर्जी पाया गया। इसके बाद पुलिस ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू की।


प्राथमिकी दर्ज कर शुरू हुई जांच
फर्जी आदेश का मामला सामने आने के बाद कुटुंबा थाना में कांड संख्या-153/26, दिनांक 13 अगस्त 2026 के तहत संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने यह पता लगाने का प्रयास शुरू किया कि फर्जी विमुक्ति आदेश किस तरह तैयार कराया गया और उसके आधार पर जब्त सरकारी कार्रवाई वाले वाहन को कैसे छुड़ाया गया।


विशेष टीम ने वाहन मालिक को दबोचा
मामले के उद्भेदन के लिए औरंगाबाद पुलिस की ओर से विशेष टीम गठित की गई। टीम ने विशेष छापेमारी अभियान चलाते हुए मुख्य आरोपी रवि कुमार यादव को औरंगाबाद बाइपास क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ की। पूछताछ और उसकी निशानदेही के आधार पर पुलिस ने पहले जब्त किए गए हाइवा ट्रक को दोबारा बरामद कर अपने कब्जे में ले लिया।


दूसरे आरोपित की भूमिका की भी हो रही जांच
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी विमुक्ति आदेश तैयार कराने में और कौन-कौन लोग शामिल थे। दस्तावेज किस स्तर पर तैयार हुआ, उसे खनन कार्यालय का वास्तविक आदेश बताकर थाना में किस तरह प्रस्तुत किया गया और वाहन को मुक्त कराने में किन लोगों ने सहयोग किया—इन सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है।
मामले में यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।पुलिस की इस कार्रवाई से जब्त वाहनों को फर्जी दस्तावेज के आधार पर छुड़ाने के प्रयास का खुलासा हुआ है। गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए उसे न्यायिक प्रक्रिया के तहत भेजा गया है।


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