औरंगाबाद: रिसिअप थाना के पुलिस अवर निरीक्षक 50,000 रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार, निगरानी ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई
Magadh Express:बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (Vigilance Investigation Bureau) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए औरंगाबाद जिले के रिसिअप थाने के पुलिस अवर निरीक्षक सह थानाध्यक्ष उमेश कुमार को 50,000/- (पचास हजार) रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 31 जुलाई 2026 को की गई।
क्या है पूरा मामला?
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, परिवादी लक्ष्मण राम (पिता – सरयू राम, साकिन- गणपत तेन्दुआ, थाना- रिसिअप, जिला- औरंगाबाद) ने ब्यूरो कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत में बताया गया कि परिवादी और उनके पड़ोसी के बीच परिवारिक मामलों को लेकर काउंटर केस दर्ज कराया गया था। रिसिअप थाना कांड संख्या-0-159/26 (दिनांक 15.07.2026) के अनुसंधानकर्ता सह थानाध्यक्ष उमेश कुमार द्वारा मुकदमे से कुछ धाराएं हटाने, परिवादी के दो पुत्रों का नाम केस से हटाने और रिश्वत न देने पर अन्य गंभीर धाराएं जुड़वाने का डर दिखाकर लगातार रिश्वत की मांग की जा रही थी।

निगरानी ब्यूरो की रेड और गिरफ्तारी
शिकायत मिलने के बाद ब्यूरो द्वारा इसका सत्यापन कराया गया, जिसमें आरोपी थानाध्यक्ष द्वारा रिश्वत मांगे जाने का मामला सही पाया गया। प्रथम दृष्टया आरोप की पुष्टि होने के बाद निगरानी थाना कांड संख्या-0-091/26 (दिनांक 30.07.2026) दर्ज किया गया।
इसके बाद संतोष कुमार, वरीय पुलिस उपाधीक्षक (अनुसंधानकर्ता) के नेतृत्व में एक विशेष धवा दल (Trap Team) का गठन किया गया। गठित टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 31 जुलाई 2026 को रिसिअप थाना के पीछे बने पंचायत भवन के पास स्थित सड़क से आरोपी थानाध्यक्ष उमेश कुमार को 50,000 रुपये घूस लेते हुए दबोच लिया।
आगे की कार्रवाई
निगरानी ब्यूरो ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त से आवश्यक पूछताछ की जा रही है। इसके बाद उन्हें पटना स्थित माननीय विशेष न्यायालय, निगरानी के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। इस मामले में आगे की अनुसंधान प्रक्रिया जारी है।
