औरंगाबाद: जनगणना-2027 की तैयारी शुरू, ‘जिला जनगणना हस्तपुस्तिका’ के लिए क्षेत्रीय कर्मियों को दिया गया प्रशिक्षण

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Magadh Express:भारत की आगामी जनगणना-2027 के मद्देनजर औरंगाबाद जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। जिला जनगणना हस्तपुस्तिका (District Census Handbook-DCHB) के लिए आंकड़ों के संग्रहण हेतु क्षेत्रीय कार्य के सफल संचालन के लिए औरंगाबाद के योजना भवन में एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। जिला पदाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा ने दीप प्रज्ज्वलित कर इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया।

​17 से 24 जुलाई तक चलेगा प्रशिक्षण

​यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 17 जुलाई से शुरू होकर 24 जुलाई 2026 तक जारी रहेगा। इस दौरान जिले के चार्ज पदाधिकारियों और क्षेत्रीय कर्मियों को जनगणना से जुड़े तकनीकी और व्यावहारिक पहलुओं की बारीकी से जानकारी दी जाएगी। इसमें मोबाइल एप और वेब पोर्टल के उपयोग का विशेष प्रशिक्षण शामिल है, ताकि आंकड़ों का संकलन डिजिटल और त्रुटिरहित हो सके।

​आंकड़े ही हैं विकास योजनाओं का आधार: डीएम

​उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा ने जनगणना की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा:

  • महत्वपूर्ण दस्तावेज: जिला जनगणना हस्तपुस्तिका जिले के प्रत्येक गांव और शहर में उपलब्ध नागरिक सुविधाओं का व्यापक विवरण प्रदान करती है।
  • विकास में भूमिका: जनगणना के आंकड़े भविष्य की लोक-कल्याणकारी नीतियों और विकास योजनाओं के निर्माण के लिए आधार स्तंभ होते हैं।
  • निष्ठा और पारदर्शिता: उन्होंने सभी कर्मियों को निर्देश दिया कि वे इस कार्य को पूरी पारदर्शिता, निष्ठा और समयबद्धता के साथ संपन्न करें, ताकि जिले का डेटा उच्च गुणवत्ता वाला हो।

​01 अगस्त से शुरू होगा क्षेत्रीय कार्य

​प्रशिक्षण के दौरान जानकारी दी गई कि आगामी 01 अगस्त 2026 से 30 अगस्त 2026 तक क्षेत्रीय स्तर पर आंकड़ों का संकलन किया जाएगा। इस दौरान कर्मियों की टीम प्रत्येक ग्राम और नगर में जाकर निम्नलिखित क्षेत्रों से संबंधित सूचनाएं जुटाएगी:

  • बुनियादी ढांचा: शिक्षा, चिकित्सा, पेयजल, स्वच्छता, बैंकिंग और संचार।
  • कृषि और उत्पादन: भूमि उपयोग, सिंचाई, कृषि उत्पादन एवं विनिर्माण।
  • अन्य सुविधाएं: परिवहन, विद्युत, ईंधन और स्लम क्षेत्रों की स्थिति।

​तकनीक का होगा पूरा उपयोग

​इस बार जनगणना के आंकड़ों के संकलन को अधिक विश्वसनीय बनाने के लिए पूरी तरह डिजिटल तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। सभी जानकारी निर्धारित एंड्रॉइड मोबाइल एप और वेब पोर्टल पर दर्ज की जाएगी। इससे काम में न केवल गति आएगी, बल्कि मानवीय त्रुटियों की संभावना भी न्यूनतम रहेगी।

​प्रशिक्षण कार्यक्रम में नोडल पदाधिकारी (जनगणना) श्रीमती श्वेता प्रियदर्शी, श्री अविनाश प्रकाश, उप नोडल पदाधिकारी श्री सुशील कुमार, मास्टर ट्रेनर सहित जिले के सभी चार्ज पदाधिकारी और बड़ी संख्या में क्षेत्रीय कर्मी उपस्थित थे। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद सभी कर्मियों ने पूरी जिम्मेदारी और निष्ठा के साथ इस कार्य को पूरा करने का संकल्प लिया।

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