Gaya :(शेरघाटी) दिव्या पासवान हत्याकांड में न्याय के लिए सड़कों पर उतरे लोग; पुलिस की भूमिका पर उठाए गंभीर सवाल

0
1001504922

धीरज गुप्ता, गया

Magadh Express: गया जिले के शेरघाटी थाना क्षेत्र के अक्षमा गांव की 26 वर्षीय दिव्या पासवान की संदेहास्पद मौत और कथित हत्याकांड के मामले में न्याय की मांग जोर पकड़ती जा रही है। मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी न होने और पुलिस की लचर कार्यप्रणाली के विरोध में भीम आर्मी एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के बैनर तले शेरघाटी में एक विशाल कैंडल मार्च निकाला गया।

​जेपी चौक से थाना तक आक्रोश

​भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष सौरभ राज और अमर आजाद पासवान के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में लोग जेपी चौक पर एकत्रित हुए। हाथों में जलती मोमबत्तियां और तख्तियां लिए प्रदर्शनकारियों ने नगर का भ्रमण किया और शेरघाटी थाना के समक्ष पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान ‘दिव्या पासवान को न्याय दो’, ‘हत्यारों को गिरफ्तार करो’ और ‘पुलिस प्रशासन होश में आओ’ के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा।

​क्या है पूरा मामला?

​परिजनों और प्रदर्शनकारियों द्वारा लगाए गए आरोपों के अनुसार:

  • शादी का झांसा: कुबड़ा गांव निवासी राहुल कुमार यादव ने दिव्या को शादी का झांसा देकर लंबे समय तक उसका शारीरिक शोषण किया। जब दिव्या ने विवाह का दबाव बनाया, तो आरोपी ने इनकार कर दिया।
  • थाने में सुनवाई नहीं: दिव्या ने न्याय के लिए शेरघाटी थाना में आवेदन दिया था, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय मामले को टाल दिया। थक-हारकर उन्होंने शेरघाटी व्यवहार न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
  • हत्या और सामूहिक दुष्कर्म: परिजनों का आरोप है कि केस दर्ज होने के बाद आरोपी लगातार धमकी दे रहा था। बाद में, उसे झारखंड के कुलेश्वरी ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म किया गया और अंततः उसकी निर्मम हत्या कर शव को हाजलो बालू माइंस क्षेत्र में फेंक दिया गया।

​थाना प्रभारी पर संरक्षण का आरोप

​प्रदर्शनकारियों का सबसे गंभीर आरोप स्थानीय थाना प्रभारी की कार्यशैली पर है। उनका कहना है कि इतने जघन्य अपराध के बावजूद मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी न होना पुलिस की मिलीभगत और उसे संरक्षण देने की ओर इशारा करता है। आक्रोशित लोगों ने थाना प्रभारी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उन पर आरोपितों को बचाने का आरोप लगाया।

​प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें

​कैंडल मार्च के माध्यम से सामाजिक संगठनों ने प्रशासन के समक्ष निम्नलिखित मांगें रखी हैं:

  1. निष्पक्ष जांच: पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए।
  2. त्वरित गिरफ्तारी: नामजद सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए।
  3. न्याय की गारंटी: दिव्या पासवान के पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए और उन्हें शीघ्र न्याय मिले।

​प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन करने पर विवश होंगे। फिलहाल, इस हत्याकांड ने क्षेत्र में तनाव का माहौल पैदा कर दिया है और पुलिस की भूमिका पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed