औरंगाबाद: ‘PRAGATI’ की समीक्षा बैठक में विकास योजनाओं की रफ्तार पर जोर, एनएच-319बी के निर्माण कार्य ने पकड़ी गति
Magadh Express:बिहार सरकार की महत्वपूर्ण ‘PRAGATI’ (प्रो-एक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इम्प्लीमेंटेशन) बैठक में शुक्रवार को प्रदेश की प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव, बिहार की अध्यक्षता में आयोजित इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक में औरंगाबाद जिले की महत्वपूर्ण विकास योजनाओं, विशेषकर राष्ट्रीय राजमार्ग और शिक्षा से जुड़ी परियोजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई।
एनएच-319बी (वाराणसी-रांची-कोलकाता) परियोजना में तेजी
बैठक का मुख्य केंद्र वाराणसी-रांची-कोलकाता राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-319B) के पैकेज-6 का कार्य रहा। जिला प्रशासन ने मुख्य सचिव को अवगत कराया कि परियोजना के मार्ग में आने वाली बाधाओं को काफी हद तक दूर कर लिया गया है:
- भूमि हस्तांतरण: महसू और जोरा गांव की भूमि संबंधित विभाग को सौंपी जा चुकी है।
- कब्जा प्राप्ति: धनिबार, एरका और नरेंद्रखाप मौजा से जुड़ी समस्याओं का निराकरण कर भूमि का कब्जा भी संबंधित विभाग को दिला दिया गया है। फिलहाल, इन गांवों में कोई भी लंबित समस्या शेष नहीं है।
- मुआवजा वितरण: इस परियोजना के लिए ₹204.50 करोड़ की निर्धारित राशि में से ₹107.94 करोड़ का मुआवजा रैयतों के बीच वितरित किया जा चुका है।
- मध्यस्थता मामले: शेष बचे 263 मध्यस्थता (Arbitration) मामलों को जल्द निपटाने के लिए प्रशासन द्वारा ‘कैंप कोर्ट’ का आयोजन किया जा रहा है, ताकि किसानों और प्रशासन के बीच के लंबित विवादों का त्वरित समाधान हो सके।

अन्य प्रमुख योजनाओं की स्थिति
बैठक में केवल सड़क परियोजना ही नहीं, बल्कि जन कल्याणकारी योजनाओं की भी बारीकी से समीक्षा की गई, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- प्रधानमंत्री पोषण योजना: स्कूली बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य पर चर्चा।
- समग्र शिक्षा अभियान: शिक्षा की गुणवत्ता और बुनियादी ढांचा विकास।
- रेलवे परियोजनाएं: जिले में प्रस्तावित रेलवे से जुड़ी आधारभूत संरचनाओं की अद्यतन स्थिति।
जिला पदाधिकारी के सख्त निर्देश
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बाद, जिला पदाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा ने जिले के संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि ‘PRAGATI’ के अंतर्गत समीक्षा की गई सभी परियोजनाओं में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिला पदाधिकारी ने इन बिंदुओं पर जोर दिया:
- समयबद्धता: सभी परियोजनाएं निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी हों।
- समन्वय: भूमि अधिग्रहण और मुआवजे के भुगतान में विभागीय सामंजस्य को मजबूत किया जाए।
- निगरानी: विकास कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए ताकि आम जनता को योजनाओं का लाभ बिना किसी देरी के मिल सके।
इस बैठक में औरंगाबाद के अपर समाहर्ता श्री अनुग्रह नारायण सिंह, वरीय उपसमाहर्ता श्री रितेश कुमार यादव समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन का प्रयास है कि सरकारी योजनाओं में आ रही किसी भी प्रकार की बाधा को हटाकर विकास कार्यों में तेजी लाई जाए।
