औरंगाबाद में ‘मॉडल विलेज’ बनने की होड़: जिलाधिकारी ने ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना’ की समीक्षा में दिए कड़े निर्देश
Magadh Express:औरंगाबाद जिले में सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और उन्हें धरातल पर उतारने की प्रशासनिक कवायद तेज हो गई है। शुक्रवार को जिला पदाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा की अध्यक्षता में समाहरणालय सभाकक्ष में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना’, ‘पीएम कुटीर योजना’ और ‘मॉडल विलेज योजना’ की प्रगति की बारीकी से समीक्षा की गई।
समयबद्ध कार्य और गुणवत्ता पर जोर
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना की प्रगति पर असंतोष जताते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिले के लिए निर्धारित दैनिक लक्ष्यों को हर हाल में पूरा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं का लाभ पात्र उपभोक्ताओं तक पहुँचने में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में उपस्थित संवेदकों ने आश्वासन दिया कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा (डेडलाइन) से पूर्व ही पूरे कर लिए जाएंगे, जिस पर जिलाधिकारी ने नियमित मॉनिटरिंग और गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए।

बैंकों को ‘अस्वीकृत आवेदनों’ की समीक्षा का आदेश
बैठक का एक अहम हिस्सा ‘अस्वीकृत आवेदनों’ का मुद्दा रहा। जिलाधिकारी ने जिले के संबंधित बैंकों को निर्देशित किया कि वे पोर्टल पर अस्वीकृत हो रहे आवेदनों की गहन समीक्षा करें। उन्होंने कहा:
- आवेदनों की अस्वीकृति के कारणों का सटीक विश्लेषण किया जाए।पात्र लाभार्थियों को अनावश्यक परेशानी से बचाने के लिए उन समस्याओं का त्वरित समाधान निकाला जाए।
कौन बनेगा ‘मॉडल विलेज’?
बैठक में ‘मॉडल विलेज योजना’ को लेकर एक दिलचस्प प्रतिस्पर्धा की रूपरेखा तैयार की गई। जानकारी दी गई कि जिले से 10 गांवों का चयन ‘मॉडल विलेज’ के रूप में किया जाना है। इस चयन का आधार ‘सोलर रूफटॉप’ की संख्या होगी।
- नियम: जिस राजस्व ग्राम (Revenue Village) में सबसे अधिक संख्या में सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित होंगे, उसे ही प्राथमिकता के आधार पर ‘मॉडल विलेज’ का दर्जा दिया जाएगा।जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करें ताकि अधिक से अधिक गांवों में सोलर ऊर्जा को अपनाया जा सके।

रणनीति और समन्वय
जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे कार्यों की एक स्पष्ट रणनीति (Clear Strategy) तैयार करें। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय निकायों के सहयोग से लाभार्थियों की पहचान करने और आवेदन प्रक्रिया में उन्हें हर संभव सहयोग प्रदान करने की बात कही।
बैठक में कार्यपालक अभियंता (विद्युत), जिला स्तरीय विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, बैंक प्रतिनिधि और संबंधित संवेदक उपस्थित थे। प्रशासन का मानना है कि इन प्रयासों से औरंगाबाद न केवल सौर ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा, बल्कि मॉडल विलेज के माध्यम से ग्रामीण विकास के नए आयाम भी स्थापित करेगा।
