औरंगाबाद में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को मिलेगी रफ्तार: जिलाधिकारी ने नगर निकायों में भूमि उपलब्धता पर बुलाई उच्चस्तरीय बैठक
Magadh Express:औरंगाबाद जिले के सभी शहरी निकायों को कचरा मुक्त और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में प्रशासन ने कमर कस ली है। शुक्रवार को समाहरणालय सभाकक्ष में जिला पदाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (Solid Waste Management) के तहत एमआरएफ (MRF), कम्पोस्ट प्लांट और सैनिटरी लैंडफिल की स्थापना हेतु भूमि की उपलब्धता पर विस्तृत चर्चा की गई।
स्वच्छ और सुंदर शहर का संकल्प
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा ने कहा कि शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटारा करना अनिवार्य है। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक शहरी स्थानीय निकाय में कचरा प्रबंधन इकाइयों के लिए उपयुक्त जमीन का चयन प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्यावरणीय नियमों का पालन करते हुए इन परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

इन निकायों पर रहा विशेष फोकस
बैठक में जिले के प्रमुख शहरी निकायों के वर्तमान स्थिति की गहन समीक्षा की गई, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- नगर परिषद: औरंगाबाद और दाउदनगर।
- नगर पंचायत: रफीगंज, नवीनगर, देव, बारुण, मदनपुर और जम्होर।
जिलाधिकारी ने इन सभी निकायों के कार्यपालक पदाधिकारियों और अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे चिह्नित स्थलों पर भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया और अन्य प्रशासनिक औपचारिकताओं को तुरंत पूरा करें।

प्रशासन की सख्त निगरानी
जिलाधिकारी ने समीक्षा के दौरान यह भी कहा कि भूमि से जुड़े किसी भी मामले में विलंब को कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि:
- त्वरित निष्पादन: भूमि हस्तांतरण से जुड़ी सभी कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा किया जाए।
- नियमित रिपोर्टिंग: कार्य की प्रगति का नियमित प्रतिवेदन (Progress Report) समय पर कार्यालय को उपलब्ध कराया जाए।
- वैज्ञानिक प्रबंधन: एमआरएफ और कम्पोस्ट प्लांट के निर्माण में आधुनिक मानकों का पालन सुनिश्चित हो।

अधिकारियों की उपस्थिति
बैठक में प्रशासनिक स्तर पर अपर समाहर्ता, वरीय उप समाहर्ता श्रीमती श्वेता प्रियदर्शी और श्री रितेश यादव के साथ-साथ सभी संबंधित शहरी निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी और अंचल अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रशासन की इस सक्रियता से यह उम्मीद जगी है कि आने वाले समय में औरंगाबाद जिले के सभी शहरी क्षेत्रों में कचरा प्रबंधन की व्यवस्था न केवल सुदृढ़ होगी, बल्कि शहरों को स्वच्छ बनाने का सपना भी साकार होगा।
