औरंगाबाद:सीएमआर आपूर्ति में सुस्ती पर की डीएम सख्त: आदितीदेवा राइस मिल ब्लैकलिस्ट, एफआईआर का निर्देश,भुगतान में देरी पर राज्य खाद्य निगम को फटकार,कई राइस मिल सहित पदाधिकारियों को चेतावनी

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Magadh Express:औरंगाबाद जिले में धान अधिप्राप्ति के बाद सीएमआर (कस्टम मिल्ड राइस) आपूर्ति में लापरवाही बरतने वाले राइस मिलों और अधिकारियों पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिला पदाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित जिला टास्क फोर्स की बैठक में सीएमआर आपूर्ति की धीमी रफ्तार पर गहरी नाराजगी जताई गई और तीन दिनों के भीतर सुधार नहीं होने पर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

आदितीदेवा राइस मिल ब्लैकलिस्ट, प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश

बैठक के दौरान ‘आदितीदेवा राइस मिल’ के कार्य निष्पादन पर जिलाधिकारी ने गंभीर असंतोष व्यक्त किया। मिल की लचर कार्यप्रणाली को देखते हुए इसे तत्काल प्रभाव से ब्लैकलिस्ट करने और प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि आगामी धान अधिप्राप्ति सत्र में इस मिल का चयन किसी भी परिस्थिति में नहीं होगा। यदि भविष्य में चयन होता है, तो संबंधित अधिकारियों पर भी गाज गिरेगी।

सुधार न होने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी

जिले की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए डीएम ने बताया कि औरंगाबाद वर्तमान में सीएमआर आपूर्ति में राज्य में 31वें स्थान पर है। उन्होंने ओबरा, रफीगंज और गोह प्रखंडों की धीमी प्रगति पर कड़ी नाराजगी जताई।

  • अंतिम चेतावनी: रवि मिनी राइस मिल, आयुष राइस मिल, नारायण राइस मिल, देवंती राइस मिल और माँ अम्बे राइस मिल को अंतिम चेतावनी जारी की गई।
  • अनुशासनात्मक कार्रवाई: बिना सूचना बैठक से अनुपस्थित रहने वाले बारुण के सहकारिता प्रसार पदाधिकारी श्री सरोज कुमार और नवीनगर के श्री धीरज कुमार मिश्रा के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

लक्ष्य और उपलब्धि का ब्यौरा

जिला सहकारिता पदाधिकारी ने बताया कि वर्ष 2025-26 के लिए जिले को 1,80,902 मीट्रिक टन धान अधिप्राप्ति का लक्ष्य मिला था, जिसके विरुद्ध 1,23,810 मीट्रिक टन सीएमआर आपूर्ति करनी है। अब तक लगभग 85 प्रतिशत (1,05,241 मीट्रिक टन) आपूर्ति पूरी हो चुकी है। अरवा सीएमआर की 95 प्रतिशत और उसना सीएमआर की 82 प्रतिशत आपूर्ति हुई है।

भुगतान में देरी पर राज्य खाद्य निगम को फटकार

बैठक में लंबित भुगतान का मुद्दा भी छाया रहा। समितियों को 388 करोड़ रुपये मूल्य के सीएमआर के बदले अब तक मात्र 254 करोड़ का ही भुगतान हो पाया है, जबकि 133 करोड़ रुपये अभी भी लंबित हैं। इस पर जिलाधिकारी ने राज्य खाद्य निगम के जिला प्रबंधक को कड़ी फटकार लगाई। जिला प्रबंधक ने बताया कि 70 करोड़ रुपये का आवंटन मिला है, जिसे जल्द वितरित किया जाएगा। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि तेजी से काम करने वाली समितियों को भुगतान में प्राथमिकता दी जाए।

क्या बोले अधिकारी?

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन समितियों के एसटीआर (STR) दस दिनों से अधिक समय से लंबित हैं, उनके विरुद्ध तत्काल कार्रवाई हो। जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष श्री संतोष कुमार सिंह को पैक्सों के साथ समन्वय कर आपूर्ति में तेजी लाने को कहा गया है। बैठक में यह भी तय हुआ कि अब उपलब्ध एसटीआर के जरिए आपूर्ति की गति को बढ़ाया जाएगा।इस बैठक में जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, एसएफसी (SFC) के जिला प्रबंधक सहित सभी संबंधित अधिकारी और पैक्स अध्यक्ष उपस्थित थे।

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