औरंगाबाद में तेज होगी ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर’ योजना की रफ्तार: मुख्य सचिव ने दिए लक्ष्य पूरा करने के निर्देश

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​Magadh Express:औरंगाबाद जिले में अपशिष्ट प्रबंधन परियोजनाओं और ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ को गति देने के लिए प्रशासनिक सक्रियता बढ़ गई है। शुक्रवार को राज्य के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला पदाधिकारियों के साथ हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए।

​बैठक में औरंगाबाद की जिला पदाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा के मार्गदर्शन में अपर समाहर्ता श्री अनुग्रह नारायण सिंह, वरीय उप समाहर्तागण श्रीमती श्वेता प्रियदर्शी, श्री रितेश कुमार यादव और नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सहित संबंधित अधिकारी शामिल हुए।

अपशिष्ट प्रबंधन: भूमि उपलब्धता पर जोर

​बैठक का मुख्य केंद्र नगर निकायों में ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन की अधोसंरचना थी। मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (MRF), कम्पोस्ट प्लांट और सैनिटरी लैंडफिल के लिए भूमि की उपलब्धता प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित हो।

​जिले की वर्तमान स्थिति पर चर्चा करते हुए बताया गया कि:

  • ​औरंगाबाद के 8 शहरी निकायों में से 5 में MRF एवं कम्पोस्ट प्लांट के लिए भूमि उपलब्ध है।
  • ​वहीं, 3 नगर निकायों में सैनिटरी लैंडफिल हेतु जमीन चिह्नित है। मुख्य सचिव ने लंबित भूमि अधिग्रहण और हस्तांतरण के मामलों को तत्काल निपटाने के निर्देश दिए ताकि स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के कार्य समय पर पूरे हो सकें।

‘सूर्य घर’ योजना: 9,336 लाभार्थियों का है लक्ष्य

​’प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने जिले के प्रदर्शन पर चिंता जताई और इसमें तेजी लाने के लिए कहा। औरंगाबाद के लिए 9,336 लाभार्थियों और 6,578 किलोवाट क्षमता के सोलर रूफटॉप स्थापना का लक्ष्य रखा गया है।

  • उपलब्धि: अब तक पोर्टल पर 7,236 लाभार्थियों की सहमति अपलोड की जा चुकी है।
  • चुनौती: नवंबर 2026 तक लक्ष्य प्राप्ति के लिए प्रतिदिन 49 सोलर रूफटॉप लगाने की आवश्यकता है, जबकि वर्तमान में केवल 10 की गति से काम हो रहा है।

जन-जागरूकता और डोर-टू-डोर अभियान का निर्देश

​योजना की सुस्त गति को सुधारने के लिए मुख्य सचिव ने एक विस्तृत कार्ययोजना बनाने को कहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि:

  1. डोर-टू-डोर संपर्क: जीविका दीदियों, पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय निकायों की मदद से घर-घर जाकर लोगों को जागरूक किया जाए।
  2. समन्वय: कार्यान्वयन एजेंसियों के साथ बेहतर तालमेल बिठाकर काम की गति को पांच गुना बढ़ाया जाए।
  3. निगरानी: कार्यों की दैनिक रिपोर्ट तैयार कर उसकी कड़ी मॉनिटरिंग की जाए।

प्रशासन की कार्ययोजना

​बैठक के बाद जिला पदाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मुख्य सचिव के निर्देशों का अक्षरशः पालन हो। उन्होंने कहा कि लक्ष्य की प्राप्ति के लिए किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आने वाले दिनों में औरंगाबाद के सभी नगर निकायों में इन परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट की नियमित समीक्षा की जाएगी।

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