औरंगाबाद: जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव ने एडॉप्शन सेंटर का किया औचक निरीक्षण, बच्चों की सुरक्षा और सुविधाओं का लिया जायजा
Magadh Express:माननीय बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना एवं राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (NALSA) के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, औरंगाबाद की सचिव श्रीमती तान्या पटेल ने आज स्थानीय एडॉप्शन सेंटर (दत्तक ग्रहण केंद्र) का गहन निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य केंद्र में रह रहे बच्चों के अधिकारों का संरक्षण और उन्हें मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं की समीक्षा करना था।

बच्चों की स्थिति और स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान सचिव श्रीमती तान्या पटेल ने केंद्र में उपलब्ध आवासीय व्यवस्था, पोषण युक्त आहार, स्वच्छता और स्वास्थ्य सुविधाओं का बारीकी से अवलोकन किया। इस दौरान केंद्र में कुल तीन बच्चे पाए गए, जिनमें एक नवजात शिशु भी शामिल था। सचिव महोदया ने संबंधित अधिकारियों से बच्चों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड, टीकाकरण और उनकी दैनिक दिनचर्या के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश
निरीक्षण के उपरांत, श्रीमती पटेल ने केंद्र के प्रशासनिक पदाधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए एक सुरक्षित और अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने केंद्र में बच्चों को मिलने वाले पोषण और चिकित्सा सुविधाओं में किसी भी प्रकार की कोताही न बरतने की हिदायत दी। सचिव महोदया ने विशेष रूप से बच्चों के हितों की रक्षा हेतु निर्धारित सभी कानूनी मानकों एवं दिशा-निर्देशों का अक्षरश: पालन सुनिश्चित करने पर बल दिया।
प्राधिकार की निरंतर प्रतिबद्धता
जिला विधिक सेवा प्राधिकार, औरंगाबाद समाज के शोषित, वंचित और असहाय वर्गों, विशेषकर बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। प्राधिकार के प्रवक्ता ने बताया कि समय-समय पर जिले के विभिन्न बाल सुधार गृहों और दत्तक ग्रहण केंद्रों का निरीक्षण किया जाता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बच्चों को वे सभी सुविधाएं और संरक्षण मिलें, जिनके वे कानूनी रूप से हकदार हैं।

उपस्थिति
इस निरीक्षण के दौरान एडॉप्शन सेंटर के प्रशासनिक पदाधिकारी, जिला परियोजना पदाधिकारी विनीता कुमारी एवं सहायक निदेशक सहित अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
