औरंगाबाद: NH-2 पर बढ़ते अतिक्रमण और जल-जमाव के खतरे को लेकर प्रशासन सख्त, अपर समाहर्ता ने किया स्थलीय निरीक्षण
Magadh Express:आगामी मानसून और यातायात की सुगमता को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-2 (NH-2) पर सुरक्षा एवं स्वच्छता व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की कवायद तेज कर दी है। 12 जून 2026 को अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) श्री उपेंद्र पंडित ने महाराणा प्रताप चौक से रतनुआ तक के क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
निरीक्षण में पाई गईं अव्यवस्थाएं
निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक टीम ने राजमार्ग के आसपास के क्षेत्रों का बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया:
- अतिक्रमण और यातायात: राजमार्ग के किनारे बढ़ते अतिक्रमण और अव्यवस्थित यातायात के कारण भविष्य में दुर्घटनाओं की संभावना और आवागमन में बाधा उत्पन्न होने की स्थिति को गंभीरता से लिया गया।
- जल निकासी और स्वच्छता: मानसून की तैयारियों के मद्देनजर जल-जमाव की संभावित स्थितियों, नालों की सफाई और कचरा प्रबंधन व्यवस्था का निरीक्षण किया गया।

अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश
अपर समाहर्ता ने संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि नागरिकों की सुविधा को प्राथमिकता दी जाए:
- सफाई व्यवस्था: नालों की नियमित सफाई और कचरा निष्पादन की व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर विशेष बल दिया गया ताकि बारिश के दौरान जल-जमाव न हो।
- अतिक्रमण मुक्त मार्ग: सड़क किनारे से अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया को सुनिश्चित करने को कहा गया है ताकि सड़कें सुरक्षित और सुगम बनी रहें।

प्रशासन का लक्ष्य: सुरक्षित और सुगम आवागमन
श्री उपेंद्र पंडित ने कहा कि जिला प्रशासन जिले को स्वच्छ, व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इन समन्वित प्रयासों का उद्देश्य न केवल आम नागरिकों के लिए सुगम यात्रा सुनिश्चित करना है, बल्कि आपातकालीन सेवाओं के संचालन में भी किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न होने देना है।
निरीक्षण के दौरान सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी सुश्री अंतरा कुमारी, औरंगाबाद सदर के अंचल अधिकारी, नगर परिषद के प्रतिनिधि और राष्ट्रीय राजमार्ग से संबंधित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

