Bihar:बिहार पुलिस का बड़ा एक्शन: प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा रुख,मेसर्स साई एजुकेयर’ पर गिरी गाज

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Magadh Express:बिहार पुलिस मुख्यालय ने राज्य में आयोजित प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वाले गिरोहों और भ्रष्टाचार में लिप्त लोक सेवकों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई करते हुए एक विस्तृत रिपोर्ट जारी की है। 12 जून 2026 की इस प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से पुलिस ने परीक्षाओं में सेंधमारी करने वाली कंपनियों और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने वाले अधिकारियों पर शिकंजा कसने की जानकारी साझा की है।

प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली: ‘मेसर्स साई एजुकेयर’ पर गिरी गाज

बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा आयोजित ‘सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (AEDO)’ और ‘सहायक लोक स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन पदाधिकारी’ परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर धांधली और प्रश्न पत्र लीक होने का मामला सामने आया है।

  • गिरफ्तारियां: इन मामलों में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) द्वारा जांच की जा रही है, जिसके तहत अब तक कुल 37 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है।
  • कंपनी की संलिप्तता: जांच में सामने आया है कि इन परीक्षाओं में बायोमेट्रिक सत्यापन का जिम्मा संभालने वाली कंपनी ‘मेसर्स साई एजुकेयर प्राइवेट लिमिटेड’ के कई कर्मियों की गहरी संलिप्तता है। गिरफ्तार अभियुक्तों में कंपनी के कई जिला कोऑर्डिनेटर और बायोमेट्रिक सुपरवाइजर शामिल हैं।
  • नियमों की अनदेखी: जांच में यह भी पाया गया कि कंपनी के अधिकांश कर्मचारी खुद AEDO परीक्षा के अभ्यर्थी थे। इतना ही नहीं, पूर्व में अन्य परीक्षाओं में धांधली के आरोपी रहे लोगों को भी इन पदों पर रखा गया था, जिसकी जानकारी होने के बावजूद कंपनी ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
  • अगला कदम: इन गंभीर अनियमितताओं के आधार पर बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा संबंधित कंपनी को काली सूची (Blacklist) में डालने का प्रस्ताव दिया गया है। इसके अलावा, बेगूसराय, छपरा और नालंदा में ब्लूटूथ और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए नकल कराने के मामले में ‘मेसर्स ईसीआईएल’ (जामर कार्य हेतु नियोजित) की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ विशेष अभियान

प्रतियोगी परीक्षाओं के अलावा, बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई ने राज्य में भ्रष्टाचार में लिप्त लोक सेवकों पर भी सख्त कार्रवाई की है। हाल के दिनों में आय से अधिक संपत्ति के मामले में कई बड़े अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है:

  • अमरेंद्र कुमार (जिला अवर निबंधक, सुपौल) – 65.08% अधिक संपत्ति।
  • गोपाल कुमार (कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण कार्य प्रमंडल, झाझा) – 81.50% अधिक संपत्ति।
  • चंद्रमोहन पासवान (प्रखंड विकास पदाधिकारी, केवटी, दरभंगा) – 81.03% अधिक संपत्ति।
  • मनीष कुमार (लेखापाल, नगर परिषद कार्यालय, हाजीपुर) – 208.57% अधिक संपत्ति।

भविष्य की रणनीति और नई पहल

आने वाली परीक्षाओं, जैसे NEET UG 2026 और सिपाही भर्ती परीक्षा की शुचिता सुनिश्चित करने के लिए पुलिस मुख्यालय ने विशेष तैयारी की है।

  • नई शाखा का गठन: आर्थिक अपराध इकाई में एक नई शाखा का गठन किया गया है, जो विशेष रूप से संगठित आर्थिक अपराधों से जुड़े गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।
  • भूमि एवं राजस्व विभाग: भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए भूमि एवं राजस्व विभाग के भ्रष्ट लोक सेवकों के खिलाफ साक्ष्य जुटाने के लिए एक विशेष SIT का गठन किया गया है।
  • हेल्पलाइन: पुलिस ने आम जनता से सूचनाएं प्राप्त करने के लिए एक समर्पित मोबाइल नंबर 9031829067 और ईमेल आईडी digeou-bih@gov.in जारी की है, ताकि भविष्य में होने वाली परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जा सके।

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