औरंगाबाद: उत्तर कोयल नहर परियोजना की भौतिक प्रगति 64.42% पहुंची, मुख्य सचिव ने की हाईलेवल समीक्षा; 10 जून तक भूमि अधिग्रहण पूरा करने का लक्ष्य

0
IMG-20260608-WA0071

Magadh Express:बिहार की अत्यंत महत्वाकांक्षी और प्रमुख सिंचाई योजनाओं में से एक ‘उत्तर कोयल नहर जलाशय परियोजना’ (North Koel Reservoir Project-NKRP) को समयसीमा के भीतर पूरा करने के लिए राज्य सरकार ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। बिहार के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें परियोजना के निर्माण कार्यों, भूमि अधिग्रहण, वितरण प्रणाली (डिस्ट्रिब्यूशन सिस्टम) और टेंडर प्रक्रियाओं की प्रगति का बारीकी से मूल्यांकन किया गया।

​इस महत्वपूर्ण बैठक में औरंगाबाद समाहरणालय से जिला पदाधिकारी (डीएम) श्रीमती अभिलाषा शर्मा (भा०प्र०से०), अपर समाहर्ता श्री अनुग्रह नारायण सिंह, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी श्री शुभेंद्र कुमार झा और वरीय उपसमाहर्ता श्री रितेश कुमार यादव सहित कई तकनीकी और प्रशासनिक अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े रहे।

​14 दिनों में दर्ज हुई 3% से अधिक की तेजी, कुल प्रगति 64.42 प्रतिशत

​समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने मुख्य सचिव को अवगत कराया कि परियोजना की कुल भौतिक प्रगति 64.42 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। विशेष बात यह है कि पिछले महज 14 दिनों के भीतर निर्माण कार्यों में 3.01 प्रतिशत की अतिरिक्त प्रगति दर्ज की गई है।

​वर्तमान में नहर निर्माण, स्ट्रक्चरल वर्क और लाइनिंग का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। औरंगाबाद जिले के दायरे में इस परियोजना के कुल 07 निर्माण पैकेज (पैकेज-3 से पैकेज-9) संचालित हैं, जिनकी कुल लंबाई लगभग 58.618 किलोमीटर है।

​मानव संसाधन और मशीनरी बढ़ाने के निर्देश

​मुख्य सचिव ने समीक्षा के दौरान पाया कि कुछ निर्माण पैकेजों में काम की गति संतोषजनक है, लेकिन कुछ जगहों पर कार्य एजेंसियों द्वारा जरूरत से कम मानव संसाधन (मजदूर/इंजीनियर) और मशीनरी का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस पर नाराजगी जताते हुए मुख्य सचिव ने सभी संबंधित निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिया कि वे कार्यस्थल पर मैनपावर और मशीनों की संख्या तुरंत बढ़ाएं ताकि कार्यों में अपेक्षित गति लाई जा सके।

​भूमि अधिग्रहण अंतिम चरण में: 10 जून तक का मिला अल्टीमेटम

​परियोजना के लिए जमीन की उपलब्धता को लेकर भू-अर्जन विभाग ने अपनी रिपोर्ट पेश की:

  • कुल लक्ष्य: बिहार क्षेत्र के अंतर्गत कुल 41.251 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण होना है।
  • अब तक हासिल: इसमें से 38.5936 हेक्टेयर भूमि का सफल अधिग्रहण किया जा चुका है।
  • शेष कार्य: केवल 2.6574 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण बाकी है, जो अंतिम चरण में है।

​मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि संबंधित रैयतों (जमीन मालिकों) को नोटिस भेजकर भुगतान और कागजी प्रक्रियाओं को तेजी से निपटाया जाए। प्रशासन ने शेष भूमि अधिग्रहण के कार्य को पूरा करने के लिए 10 जून 2026 तक का लक्ष्य निर्धारित किया है। गया और मदनपुर क्षेत्र में अधिग्रहित हो चुकी भूमि को संबंधित विभाग को ट्रांसफर भी कर दिया गया है।

​री-टेंडर में देरी पर मुख्य सचिव सख्त, ₹75.606 करोड़ जारी

​वितरण प्रणाली (नहरों से खेतों तक पानी पहुंचाने का नेटवर्क) से जुड़े टेंडर मामलों में हो रही देरी पर मुख्य सचिव ने संबंधित एजेंसी को फटकार लगाई। उन्होंने लंबित री-टेंडर (Re-Tender) प्रक्रिया और तकनीकी स्वीकृतियों को बिना किसी देरी के जल्द से जल्द पूरा करने को कहा। बैठक में बताया गया कि परियोजना के कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए ₹75.606 करोड़ की राशि स्वीकृत कर जारी कर दी गई है।

​औरंगाबाद के 5 प्रखंडों सहित गया जिले को मिलेगा सीधा लाभ

परियोजना का महत्व: उत्तर कोयल नहर जलाशय परियोजना झारखंड राज्य से शुरू होकर बिहार के औरंगाबाद जिले के पांच प्रमुख प्रखंडों— नवीनगर, कुटुंबा, देव, औरंगाबाद एवं मदनपुर से गुजरते हुए गया जिले तक जाती है। इस योजना के पूर्ण होते ही औरंगाबाद और गया जिले के हजारों किसानों को बारहमासी सिंचाई की सुविधा मिलेगी, जिससे क्षेत्र की कृषि उत्पादकता बढ़ेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी।

​बैठक के बाद डीएम औरंगाबाद का स्थानीय अधिकारियों को टास्क

​मुख्य सचिव के साथ हुई बैठक के तुरंत बाद औरंगाबाद की जिला पदाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा ने जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ आंतरिक बैठक की। डीएम ने सख्त लहजे में कहा कि भूमि अधिग्रहण, किसानों को मुआवजे का भुगतान और निर्माण कार्यों की रोजाना मॉनिटरिंग की जाए। सभी विभाग आपसी तालमेल (अंतर-विभागीय समन्वय) के साथ काम करें, ताकि इस महापरियोजना का लाभ औरंगाबाद के किसानों को ससमय मिल सके।

Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed