औरंगाबाद: सात निश्चय-3 “सबका सम्मान – जीवन आसान” के तहत डीएम का जनता दरबार, समस्याओं के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निपटारे का निर्देश
Magadh Express:आम जनता की समस्याओं के सीधे और त्वरित निवारण के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के आलोक में औरंगाबाद जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। जिला पदाधिकारी (डीएम) श्रीमती अभिलाषा शर्मा (भा०प्र०से०) द्वारा अपने कार्यालय कक्ष में ‘सात निश्चय-3’ के तहत संचालित “सबका सम्मान – जीवन आसान” पहल के अंतर्गत एक उच्च स्तरीय जनता दरबार का आयोजन किया गया।
इस जनता दरबार में जिले के विभिन्न प्रखंडों और सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों से आए सैकड़ों आम नागरिकों ने अपनी व्यक्तिगत एवं सामूहिक समस्याओं तथा शिकायतों को सीधे जिला पदाधिकारी के समक्ष रखा और न्याय की गुहार लगाई।

भूमि विवाद, दाखिल-खारिज और जनहित से जुड़े मामलों की रही बहुलता
जनता दरबार के दौरान विभिन्न प्रखंडों से आए परिवादियों (फरियादियों) ने जिला पदाधिकारी को अपने-अपने लिखित आवेदन सौंपे। इस बार के जनता दरबार में मुख्य रूप से निम्नलिखित विभागों और विषयों से जुड़े मामले छाए रहे:
- राजस्व एवं भूमि सुधार: दाखिल-खारिज (Mutation), भूमि विवाद, जमीन पर अवैध कब्जा, जमाबंदी में गड़बड़ी, भूमि मापी (नापी), परिमार्जन और लैंड पजेशन सर्टिफिकेट (LPC) निर्गत करने में हो रही देरी।
- विकास एवं बुनियादी ढांचा: नाली-गली निर्माण, ग्रामीण सड़कों का निर्माण और अतिक्रमण हटाने से संबंधित शिकायतें।
- समाज कल्याण व खाद्य सुरक्षा: राशन कार्ड बनने में आ रही दिक्कतें, आंगनबाड़ी सेविका बहाली और इसमें हुई कथित अनियमितताओं की जांच।
- कल्याणकारी योजनाएं: इंदिरा आवास (प्रधानमंत्री आवास योजना) का लाभ दिलाने, पैक्स (PACS) से संबंधित मामले, मानदेय भुगतान और विभिन्न आपदाओं के तहत मिलने वाले अनुग्रह अनुदान राशि की मांग।
ऑन-द-स्पॉट पंजीकरण, लापरवाही बरतने पर अधिकारियों को चेतावनी
जनता दरबार में प्राप्त होने वाले सभी आवेदनों को पूरी पारदर्शिता के साथ एक विशेष पंजी (रजिस्टर) में विधिवत दर्ज किया गया। डीएम श्रीमती अभिलाषा शर्मा ने आवेदनों की प्रकृति के आधार पर उन्हें तुरंत संबंधित प्रभागों और विभागों के अधिकारियों को फॉरवर्ड (अग्रसारित) कर दिया।
जिला पदाधिकारी ने सख्त लहजे में निर्देश दिया: “जनता दरबार में आने वाले हर एक परिवाद का निष्पादन केवल कागजी नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण, निष्पक्ष और न्यायसंगत होना चाहिए। सभी मामलों का निपटारा सरकार द्वारा निर्धारित समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए ताकि आम जनता को बार-बार दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।”

नियमित समीक्षा से मापी जाएगी अधिकारियों की जवाबदेही
डीएम ने स्पष्ट किया कि जनता दरबार में मिले आवेदनों पर संबंधित अधिकारियों ने क्या कार्रवाई की, इसकी जिला स्तर पर नियमित समीक्षा (रिव्यू मीटिंग) की जाएगी। यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक देरी पाई गई, तो संबंधित जवाबदेह पदाधिकारी के विरुद्ध प्रशासनिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
प्रशासन के इस कदम से दूर-दराज से आए फरियादियों में एक उम्मीद जगी है कि “सबका सम्मान – जीवन आसान” पहल के तहत उनकी वाजिब समस्याओं का जल्द और पारदर्शी समाधान हो सकेगा।
