औरंगाबाद: अग्नि सुरक्षा मानकों पर प्रशासन सख्त; जिले के कई नामचीन होटलों और अस्पतालों को नोटिस, 15 दिनों में कमियां दूर नहीं कीं तो होंगे सील

0
IMG-20260608-WA0098

Magadh Express:हाल के दिनों में हुए गंभीर अग्निकांडों को देखते हुए बिहार सरकार और जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है। निदेशक-सह-राज्य अग्निशमन पदाधिकारी (पटना) के निर्देश और औरंगाबाद की जिला पदाधिकारी (डीएम) श्रीमती अभिलाषा शर्मा के मार्गदर्शन में जिले के व्यावसायिक व आवासीय प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए एक बड़ा निरीक्षण अभियान चलाया गया।
इस विशेष अभियान के तहत जिले के कई नामचीन होटलों, लॉज, निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम की औचक जांच की गई। सुरक्षा मानकों में भारी लापरवाही पाए जाने पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कई बड़े संस्थानों को 15 दिनों का अल्टीमेटम (नोटिस) जारी किया है।

15 दिनों के भीतर अनुपालन जरूरी, वरना प्रतिष्ठान होंगे सील

प्रशासनिक टीम ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि जिन भी संस्थानों में तय मानकों के अनुसार फायर सेफ्टी अरेंजमेंट्स नहीं पाए गए हैं, उन्हें 15 दिनों के भीतर सभी कमियों को दुरुस्त करना होगा। यदि निर्धारित अवधि के अंदर मानकों का पालन नहीं किया गया, तो संबंधित अस्पताल, नर्सिंग होम, होटल या लॉज को तत्काल सील करने की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इन प्रमुख होटलों और अस्पतालों पर कड़ा शिकंजा

निरीक्षण टीम ने शहर के मुख्य व्यावसायिक इलाकों का दौरा किया। जांच के दायरे में आए प्रमुख प्रतिष्ठानों की सूची इस प्रकार है:

प्रमुख होटल और लॉज:

  • स्काई व्यू होटल (पुराना जी०टी० रोड, औरंगाबाद)
  • शुभम इंटरनेशनल (एम०जी० रोड, औरंगाबाद)
  • मृगनयनी होटल (एम०जी० रोड, औरंगाबाद) तथा कई अन्य लॉज और अतिथि गृह।

प्रमुख अस्पताल और नर्सिंग होम:

  • जेरों-गंगा अस्पताल
  • अनुशीला अस्पताल
  • अजनेरी अस्पताल
  • सुंदा नर्सिंग होम (एम०जी० रोड, औरंगाबाद)

जांच में सामने आईं कमियां: अक्रियाशील मिले उपकरण

जांच के दौरान अधिकारियों ने प्रतिष्ठानों में लगे फायर अलार्म (अग्नि चेतावनी प्रणाली), स्मोक डिटेक्टर (धुआँ पहचान यंत्र), इमरजेंसी एग्जिट प्लान (आपात निकासी योजना), फायर एग्जिट इंडिकेटर (अग्नि निर्गमन संकेतक) तथा अग्निशमन यंत्रों (फायर एक्स्टिंग्विशर) की कार्यशीलता की जमीनी हकीकत देखी।
कई नामी संस्थानों में सुरक्षा उपकरण या तो पूरी तरह अक्रियाशील (खराब) पाए गए या फिर वे सरकारी मापदंडों के अनुरूप नहीं थे। इस पर टीम ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।

“जन सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता”: जिला प्रशासन

जिला प्रशासन ने इस अभियान के माध्यम से कड़ा संदेश दिया है कि आम जनता की जान-माल की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अग्नि सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वाले और लोगों की जिंदगी को खतरे में डालने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा और उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोरतम कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

निरीक्षण टीम में ये रहे शामिल

इस विशेष अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम देने वाली टीम में मुख्य रूप से शामिल थे:श्री जयराम सिंह (सहायक जिला अग्निशमन पदाधिकारी),सुश्री सोनाली कुमारी (अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी),श्री रोहित राज (प्रधान अग्निक),श्री गंजीत कुमार पाण्डेय (अग्निक चालक),श्री सोनू कुमार (अग्निक)।

Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed