शीतलहर का कहर: औरंगाबाद में ‘हाई अलर्ट’, 8वीं तक के स्कूल बंद, सदर अस्पताल में बना स्पेशल ‘कोल्ड-स्ट्रोक’ वार्ड
औरंगाबाद (मगध एक्सप्रेस न्यूज़)। औरंगाबाद जिले में कड़ाके की ठंड और भीषण शीतलहर की आहट ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद जिला पदाधिकारी (DM) श्रीमती अभिलाषा शर्मा (IAS) ने पूरे जिले में ‘हाई अलर्ट’ जारी कर दिया है। आम नागरिकों और विशेषकर बच्चों व बुजुर्गों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
स्कूलों पर ताला, कोचिंग के समय में बदलाव
शीतलहर के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए डीएम ने जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को कक्षा 1 से 8वीं तक के लिए 31 दिसंबर 2025 तक बंद रखने का आदेश दिया है। वहीं, कक्षा 9वीं और उससे ऊपर के स्कूलों, कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों के लिए समय सीमित कर दिया गया है। अब ये संस्थान सुबह 11:00 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक ही संचालित हो सकेंगे।
सदर अस्पताल में ‘कोल्ड-स्ट्रोक वार्ड’ तैयार
ठंड से होने वाली बीमारियों और इमरजेंसी से निपटने के लिए सदर अस्पताल, औरंगाबाद में 10 बेड का एक समर्पित ‘कोल्ड-स्ट्रोक वार्ड’ बनाया गया है। यह वार्ड रूम हीटर, भारी कंबलों और जरूरी जीवन रक्षक दवाओं से सुसज्जित है। डीएम ने सभी निजी और सरकारी अस्पतालों को अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है।
सड़कों पर अलाव और रैन बसेरों का सहारा

प्रशासन ने भीड़भाड़ वाले और संवेदनशील इलाकों में अलाव (Bonfires) की व्यवस्था की है। बेघर और राहगीरों के लिए रैन बसेरों (नाइट शेल्टर) का संचालन तेज कर दिया गया है, जहाँ वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 30 लोग शरण ले रहे हैं। इसके साथ ही सामाजिक सुरक्षा कोषांग और बुनियाद केंद्रों के माध्यम से जरूरतमंदों के बीच लगातार कंबल वितरण किया जा रहा है।
घने कोहरे को लेकर ‘ट्रैफिक एडवाइजरी’
अत्यंत घने कोहरे की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने वाहन चालकों के लिए चेतावनी जारी की है:
- वाहनों की गति धीमी रखें और यातायात नियमों का पालन करें।
- अनिवार्य रूप से फॉग लाइट का उपयोग करें।
- अनावश्यक यात्रा से बचें और बच्चों-बुजुर्गों का विशेष ख्याल रखें।
आपातकालीन स्थिति के लिए हेल्पलाइन
जिला प्रशासन स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए है। किसी भी आपात स्थिति या सहायता के लिए नागरिक जिला आपदा नियंत्रण कक्ष (DEOC) के नंबर 06186-295027 पर तुरंत संपर्क कर सकते हैं।
