औरंगाबाद: DM अभिलाषा शर्मा का ‘एक्शन प्लान’, पुराने वादों का होगा समयबद्ध निपटारा, पारदर्शिता पर जोर
औरंगाबाद (मगध एक्सप्रेस न्यूज़)। औरंगाबाद की जिला दंडाधिकारी-सह-समाहर्ता श्रीमती अभिलाषा शर्मा (IAS) ने आम जनता को त्वरित और सुलभ न्याय दिलाने की दिशा में बड़ी पहल की है। मंगलवार को समाहर्ता न्यायालय में विभिन्न वादों की सुनवाई करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण और पारदर्शिता जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
भू-अर्जन और जमाबंदी जैसे गंभीर मामलों पर हुई सुनवाई
समाहर्ता न्यायालय में आयोजित इस सुनवाई के दौरान मुख्य रूप से भू-अर्जन, जमाबंदी और स्वामित्व सत्यापन से संबंधित मामलों पर प्रभावी चर्चा हुई। जिला दंडाधिकारी ने प्रत्येक वाद में पक्षकारों की दलीलों को न केवल गंभीरता से सुना, बल्कि उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर मौके पर ही आवश्यक निर्देश भी जारी किए।
लंबित मामलों के लिए ‘प्रायोरिटी लिस्ट’ तैयार करने का निर्देश
सुनवाई के बाद जिला दण्डाधिकारी ने अपने न्यायालय में विचाराधीन प्रकरणों की गहन समीक्षा की। उन्होंने विधि शाखा के प्रभारी पदाधिकारी को सख्त निर्देश दिए कि:
- सबसे पुराने मामलों की पहचान कर उनकी एक प्राथमिकता सूची (Priority List) तैयार की जाए।
- जो मामले सीधे तौर पर जनहित और आम नागरिकों से जुड़े हैं, उन्हें सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
- सभी मामलों की समय पर लिस्टिंग (Listing) सुनिश्चित हो ताकि तारीखों का लंबा इंतजार न करना पड़े।
अनावश्यक विलंब पर सख्त रुख
DM अभिलाषा शर्मा ने उन मामलों पर भी चिंता जताई जिनमें निचली अदालतों या अन्य पदाधिकारियों से रिपोर्ट लंबित है। उन्होंने निर्देश दिया कि ऐसे मामलों में नियमित और सघन फॉलो-अप किया जाए ताकि प्रक्रियात्मक देरी को खत्म किया जा सके। उन्होंने प्रक्रियात्मक सतर्कता और जवाबदेही तय करने पर भी विशेष बल दिया।
न्याय के प्रति प्रतिबद्धता
जिला दंडाधिकारी ने कहा कि उनके न्यायालय का उद्देश्य केवल मामलों को सुनना नहीं, बल्कि विधि सम्मत प्रक्रिया के तहत त्वरित न्याय सुनिश्चित करना है। उन्होंने दोहराया कि पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ आमजन की समस्याओं का समाधान करना जिला प्रशासन की सतत प्रतिबद्धता है।
