औरंगाबाद: SC-ST पीड़ितों को मिला 4 करोड़ से अधिक का मुआवजा, मदनपुर ‘फर्जी लीज’ मामले में जांच के आदेश
औरंगाबाद (मगध एक्सप्रेस न्यूज़)। औरंगाबाद समाहरणालय के सभाकक्ष में मंगलवार को अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार (निवारण) अधिनियम के तहत जिला स्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की चौथी त्रैमासिक बैठक संपन्न हुई। जिला पदाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा (IAS) और पुलिस अधीक्षक श्री अम्बरीष राहुल (IPS) की संयुक्त अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पीड़ितों को न्याय, सुरक्षा और आर्थिक सहायता सुनिश्चित करने के लिए कई कड़े निर्देश दिए गए।
₹4.19 करोड़ का मुआवजा और 5 सरकारी नौकरियां
बैठक के दौरान जिला कल्याण पदाधिकारी ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक कुल 553 पीड़ितों के बीच 4,19,77,400 रुपये की मुआवजा राशि का भुगतान किया जा चुका है। प्रशासन की संवेदनशीलता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि:
- हत्या से संबंधित 25 मामलों में मृतकों के आश्रितों को नवम्बर 2025 तक पेंशन का भुगतान किया गया है।
- हत्या के 5 मामलों में आश्रितों को परिचारी के पद पर सरकारी नौकरी उपलब्ध कराई गई है।
- डीएम ने निर्देश दिया है कि मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया पहले से पूर्ण रखी जाए ताकि विभाग से बजट मिलते ही राशि तुरंत हस्तांतरित हो सके।
मदनपुर में ‘फर्जी लीज’ का मामला: DM ने दिए जांच के आदेश

बैठक में माननीय विधायकों ने एक गंभीर मुद्दा उठाया। कुटुंबा विधायक श्री ललन राम और रफीगंज विधायक श्री प्रमोद कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि मदनपुर प्रखंड की दक्षिणी ऊमगा पंचायत में कुछ लोगों ने बागवानी के नाम पर फर्जी लीज बनाकर दलित परिवारों का रास्ता अवरुद्ध कर दिया है। इन परिवारों को प्रताड़ित किए जाने की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए जिला पदाधिकारी ने जिला कल्याण पदाधिकारी को मामले की अविलंब जांच कर सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
थाना स्तर पर लंबित मामलों पर खिंचाई
समिति के सदस्य श्री राजेश्वर पासवान ने आरोपियों की गिरफ्तारी और समय पर मुआवजे का सवाल उठाया। वहीं, कुटुंबा विधायक ने एससी-एसटी थाने में लंबित मामलों की जानकारी मांगी, जिस पर थाना प्रभारी ने स्वीकार किया कि पिछले दो वर्षों से कुल 14 मामले अभी भी लंबित हैं। प्रशासन ने इन मामलों के त्वरित निष्पादन और सतत अनुश्रवण पर विशेष बल दिया है।
बैठक में मौजूद प्रमुख व्यक्ति
इस उच्च स्तरीय बैठक में रफीगंज विधायक प्रमोद कुमार सिंह, कुटुंबा विधायक ललन राम, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी जय प्रकाश नारायण, कोषागार पदाधिकारी महंथ स्वरूप, जिला कल्याण पदाधिकारी अभिषेक कुमार सहित विशेष लोक अभियोजक और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
