नवीनगर: 269 विद्यार्थियों पर महज 4 शिक्षक, संसाधनों की कमी से कराह रहा उर्दू मध्य विद्यालय परसिया
[रिपोर्ट: संदीप कुमार]
नवीनगर (औरंगाबाद): बिहार सरकार ‘पढ़ेगा बिहार, बढ़ेगा बिहार’ का नारा तो देती है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट नजर आती है। नवीनगर नगर पंचायत क्षेत्र के वार्ड संख्या दो में स्थित उर्दू मध्य विद्यालय परसिया इसका जीवंत उदाहरण है। यह विद्यालय आज के दौर में भी शिक्षकों की भारी कमी और जर्जर आधारभूत संरचना के बीच अपना अस्तित्व बचाने की जंग लड़ रहा है।
शिक्षक-छात्र अनुपात देख उड़ जाएंगे होश
विद्यालय की सबसे बड़ी समस्या शिक्षकों का अभाव है। प्रधानाध्यापक ओम प्रकाश अग्रवाल के अनुसार, स्कूल में कक्षा 1 से 8 तक कुल 269 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। ताज्जुब की बात यह है कि इन 269 बच्चों के भविष्य को संवारने का जिम्मा प्रधानाध्यापक सहित मात्र 4 शिक्षकों के कंधों पर है। विषयवार शिक्षकों की कमी के कारण एक ही शिक्षक को कई विषयों और कई कक्षाओं को एक साथ संभालना पड़ रहा है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।
कमरों का अकाल: 5 कमरों में सिमटा 8 कक्षाओं का भविष्य

विद्यालय की आधारभूत संरचना भी बदहाली के आंसू रो रही है। कार्यालय और रसोई को छोड़कर पढ़ाई के लिए केवल 5 कमरे उपलब्ध हैं। कमरों की कमी का आलम यह है कि कई कक्षाओं का संचालन एक ही स्थान पर करने की मजबूरी है। हालांकि, राहत की बात यह है कि विभाग द्वारा 3 नए कमरों का निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन फिलहाल उनके पूर्ण होने का इंतजार बना हुआ है।
सुरक्षा और आधुनिक शिक्षा का अभाव
विद्यालय प्रबंधन ने कई गंभीर बुनियादी कमियों की ओर इशारा किया है:
- सुरक्षा पर खतरा: विद्यालय में चहारदीवारी (बाउंड्री वाल) नहीं है, जिससे परिसर की सुरक्षा हमेशा खतरे में रहती है।
- डिजिटल डिवाइड: बदलते युग में जहाँ शिक्षा डिजिटल हो रही है, यहाँ कंप्यूटर शिक्षा, आईसीटी लैब और स्मार्ट क्लास का नामोनिशान नहीं है।
- खेल सामग्री की कमी: बच्चों के शारीरिक विकास के लिए जरूरी खेल सामग्री और संसाधनों का भारी अभाव है।
- शौचालय की किल्लत: छात्रों की बड़ी संख्या के मुकाबले सिर्फ 2 शौचालय हैं, जबकि कम से कम 2 और शौचालयों की तत्काल आवश्यकता है।
सकारात्मक पहल: स्वच्छता और भोजन व्यवस्था दुरुस्त
तमाम अभावों के बीच कुछ सकारात्मक पहलू भी हैं। विद्यालय की साफ-सफाई व्यवस्था संतोषजनक है और बच्चों को एनजीओ के माध्यम से नियमित मध्याह्न भोजन मिल रहा है। पेयजल की व्यवस्था भी पर्याप्त बताई गई है।
उर्दू मध्य विद्यालय परसिया की स्थिति यह बताने के लिए काफी है कि सीमित संसाधनों में भी शिक्षक बेहतर करने का प्रयास कर रहे हैं। यदि शिक्षा विभाग इस ओर ध्यान दे और शिक्षकों की नियुक्ति के साथ-साथ चारदीवारी व आधुनिक लैब जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराए, तो यह विद्यालय क्षेत्र के लिए मिसाल बन सकता है।
