Aurangabad :देव में तीन महत्वपूर्ण जल निकासी योजनाओं को तकनीकी मंजूरी,4,93,22,200 रुपए की लागत से होगा निर्माण
Magadh Express:बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग के अंतर्गत जलपूर्ति, ड्रेनेज एवं सीवरेज (दक्षिणी बिहार उपभाग) ने औरंगाबाद नगर विकास प्रमंडल के तहत तीन महत्वपूर्ण निर्माण योजनाओं के प्राक्कलनों को तकनीकी मंजूरी दे दी है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य संबंधित क्षेत्रों में जल निकासी (ड्रेनेज) और बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करना है।

जानकारी देते हुए नगर पंचायत अध्यक्ष पिंटू कुमार शाहील और उपाध्यक्ष गोलू गुप्ता ने बताया कि तीन महत्वपूर्ण जल निकासी योजनाओं के पूर्ण होने से देव के स्थानीय नागरिकों को बड़ी समस्या से निजात मिलेगी , बरसात और अन्य दिनों में भी जलजमाव से मुक्ति मिलेगी तथा शहर को खूबसूरत बनाने के लिए इन योजनाओं का निर्माण अतिआवश्यक है । अध्यक्ष ने कहा कि जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना ही मेरा लक्ष्य है ।
स्वीकृत योजनाओं का विवरण
अधीक्षण अभियंता द्वारा जारी पत्रांक 120, दिनांक 23/09/25 के अनुसार, जिन तीन योजनाओं को तकनीकी स्वीकृति मिली है, उनका विवरण और अनुमानित लागत राशि (प्राक्कलन राशि) इस प्रकार है:
| क्र.सं. | योजना का नाम | तकनीकी अनुमोदन की राशि |
|---|---|---|
| 1. | नगर पंचायत, देव दीवान बिगहा गुमटी से संतोष सिन्हा के घर होते हॉस्पिटल मोड़ पुल तक आर०सी०सी० नाला निर्माण। | ₹2,50,33,700.00 |
| 2. | नगर पंचायत देव, वार्ड संख्या 11 गोदाम पर अम्बेडकर चौक से बलेश गुप्ता के घर होते कन्चैया मोड़ पुल तक आर०सी०सी० नाला निर्माण। | ₹1,11,96,800.00 |
| 3. | नगर पंचायत देव, हाजीनगर पुल से डॉ० राजेन्द्र प्रसाद के घर होते हॉस्पिटल रोड तक आर०सी०सी० नाला निर्माण। | ₹1,30,91,700.00 |
| तीनों योजनाओं की कुल तकनीकी अनुमोदित राशि ₹4,93,22,200.00 (चार करोड़ तिरानवे लाख बाईस हज़ार दो सौ रुपये) है। | ||

शर्तें और दिशा-निर्देश
- प्राक्कलन को तकनीकी मंजूरी कुछ शर्तों के साथ दी गई है, जिसमें यह स्पष्ट किया गया है कि प्राक्कलन को अनुमोदित दरों की स्वीकृति नहीं समझा जाएगा।प्राक्कलन की भाषा सांकेतिक है।तकनीकी स्वीकृति/परिमाण विपत्र/एकराड़नामा तैयार करते समय अत्यंत सावधानी बरतने का निर्देश दिया गया है।अंतिम गणना में अगर कोई भूल परिलक्षित होती है तो उसे सुधार कर इस कार्यालय को सूचित किया जाना अनिवार्य होगा।इस तकनीकी अनुमोदन के बाद अब इन योजनाओं के वित्तीय और प्रशासनिक मंजूरी की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, जिससे क्षेत्र में जल निकासी की समस्या से निजात मिलने की उम्मीद है।

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