Aurangabad :विकास की आस में दुलारे पंचायत का झरना और महुलान गाँव,विकास के लिए ग्रामीणों का इंतज़ार कब होगी समाप्त ?

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Magadh Express:-औरंगाबाद जिले के देव प्रखंड स्थित दुलारे पंचायत का झरना और महुलान गांव आज 21वीं सदी में भी मूलभूत विकास के लिए बाट जोह रहा है। चारों तरफ पहाड़ियों से घिरा यह इलाका वर्षों से नक्सली संगठन भाकपा (माओवादी) का गढ़ रहा है, जिसके कारण यहां विकास की किरणें ठीक से नहीं पहुँच पाई हैं।


भौगोलिक एकाकीपन और सुरक्षा चुनौती
दुलारे पंचायत का महुलान गांव अपनी मनमोहक प्राकृतिक सुंदरता के बावजूद एक कठिन जीवन जी रहा है। यहां एक प्रसिद्ध झरना भी है, जो पर्यटन की अपार संभावनाएँ रखता है, लेकिन दुर्गम भौगोलिक स्थिति और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों के कारण यह गांव राज्य की मुख्यधारा से कटा हुआ महसूस करता है।60 घरों का यह गांव आज भी नाली ,गली,सहित कई मूलभूत सुविधाओं से वंचित है ।गांव के युवा बाहर के राज्यों में मजदूरी कर रहे है ,गांव में घरों में शौचालय नहीं है ,दो या तीन घरों में सिर्फ गैस का कनेक्शन है ।आजीविका के लिए गांव के पशुओं का पालन करना और थोड़ी बहुत खेती सहित जंगलों की सुखी लकड़ियों पर निर्भरता है ।

  • दुर्गम इलाका,नक्सल प्रभाव,कभी कभी पहुंचते है अधिकारी
  • पहाड़ियों से घिरा होने के कारण गांव तक पहुंचने के लिए पक्की सड़कों का अभाव है। वर्षों तक यह क्षेत्र भाकपा (माओवादी) का केंद्र रहा, जिसने सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों को बाधित किया।यहां अधिकारियों का पहुंचना कभी कभी संयोग ही बनता है तो संभव होता है । गरीबी इन गांवों में दिखाई देता है जिसके कारण जिले के पुलिस कप्तान और जिलाधिकारी कभी कभी ठंडी के दिनों में कंबल वितरण या मेडिकल कैंप लगाकर लोगों को सुविधाएं प्रदान करते थे , लेकिन हाल के चार पांच वर्षों से कोई अधिकारी नहीं पहुंचे ,जिसके कारण कभी कभी मिलने वाली सुविधाएं भी नहीं मिल पा रहा है ।

  • विकास के लिए ग्रामीणों का इंतज़ार
    ग्रामीणों के अनुसार, शिक्षा, स्वास्थ्य, और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी गांव के विकास में सबसे बड़ी बाधा है। आज भी, बीमार होने पर या किसी आपात स्थिति में, लोगों को कई किलोमीटर पैदल चलकर मुख्य सड़क तक जाना पड़ता है।सड़क का निर्माण किया जा रहा है लेकिन कब उसे पूर्णता मिलेगी इसका पता नहीं है ।
  • सड़क और परिवहन,बिजली और संचार,स्कूल और स्वास्थ्य केंद्र
  • गांव को जोड़ने वाली बेहतर सड़कों का निर्माण प्राथमिकता होनी चाहिए।कई घरों में अभी भी बिजली और मोबाइल नेटवर्क जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी है।यहां तक कि 5G सुविधा भी कम ही उपलब्ध है । गांव के भीतर या पास में उच्च शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता जरूरी है।

  • स्थानीय प्रशासन से अपील
    स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से अपील की है कि अब जब क्षेत्र में शांति लौट रही है, तो सरकार को इस ऐतिहासिक और प्राकृतिक रूप से समृद्ध क्षेत्र के विकास पर विशेष ध्यान देना चाहिए। झरना जैसे प्राकृतिक स्थलों को विकसित करके पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सकता है, जो स्थानीय लोगों के लिए आजीविका का साधन बन सकता है।

“नक्सलवाद का दौर अब बीत चुका है। हमें उम्मीद है कि सरकार अब विकास को प्राथमिकता देगी, ताकि महुलान गांव और दुलारे पंचायत के लोग भी 21वीं सदी की सुविधाओं का लाभ उठा सकें।”

स्थानीय मुखिया कर रहे लगातार पहल

दुलारे पंचायत के मुखिया सह पैक्स अध्यक्ष बिजेंद्र यादव ने बातचीत के दौरान कहा कि गांव के विकास के लिए सोलिंग ,बेहतर पेयजल के लिए नल जल योजनाओं को क्रियान्वित करने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है , कई योजनाएं गांव के विकास के लिए पंचायत से ली गई है ।जल्द ही काम शुरू करने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है ।मुखिया बिजेंद्र ने कहा कि यह इलाका शुरू से ही पिछड़ा हुआ है ,जब से युवा प्रतिनिधि को क्षेत्र में गांव की जनता ने लाया है तबसे निरंतर प्रयास जारी है ।

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