बच्चों की सुरक्षा के लिए ‘संजीवनी बूटी’: हेलमेट मैन ऑफ इंडिया ने ठाणे में शुरू किया अनूठा अभियान

0
IMG-20251124-WA0096

Magadh Express:-: मुंबई-ठाणे जिला कलेक्टर कार्यालय परिसर में उस समय एक अनोखा और हृदयस्पर्शी दृश्य देखने को मिला, जब ‘हेलमेट मैन ऑफ इंडिया’ के नाम से प्रसिद्ध राघवेंद्र कुमार छोटे बच्चों की सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ‘संजीवनी बूटी’ रूपी हेलमेट लेकर पहुँचे।
यह कार्यक्रम बच्चों को मुफ्त हेलमेट वितरित करने का एक हिस्सा था, लेकिन सबकी नज़रें तब ठहर गईं, जब हेलमेट देने से पहले प्रत्येक बच्चे के सिर का सटीक माप लिया जा रहा था। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि हर बच्चे को उसके लिए बिल्कुल सही आकार का और अधिकतम सुरक्षा प्रदान करने वाला हेलमेट मिल सके। बच्चों की उत्सुकता और खुशियों से भरी आवाज़ों ने पूरे माहौल को उत्साह से भर दिया।


कलेक्टर भी हुए प्रभावित
कार्यक्रम के दौरान, जिला कलेक्टर श्रीकृष्ण पांचाल स्वयं अपने कार्यालय से बाहर आए। बच्चों में सड़क सुरक्षा के प्रति दिखी इस असाधारण जागरूकता को देखकर वह स्वयं हैरान रह गए। कई बच्चों ने अपने पसंदीदा रंग और कार्टून वाले हेलमेट चुने, जिन पर उनके छोटे हीरो भी चित्रित थे। कलेक्टर पांचाल भी इस अभियान से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने अपनी 4 वर्षीय बेटी के लिए भी एक हेलमेट पसंद किया और हेलमेट मैन ऑफ इंडिया का धन्यवाद किया।


कानून बनाना आसान, आदत डालना चुनौती’
हेलमेट मैन ऑफ इंडिया, राघवेंद्र कुमार, वह व्यक्ति हैं जो सुप्रीम कोर्ट से 4 वर्ष के बच्चों के लिए हेलमेट कानून पास कराने में सफल रहे हैं। अब वह खुद हर जिले में जाकर इस सुरक्षा अभियान को ज़मीन तक पहुँचाने में जुटे हैं।
उनका स्पष्ट मानना है:”कानून बनाना आसान था, लेकिन परिवारों में सुरक्षा की आदत पहुँचाना सबसे बड़ी चुनौती है।”इसी चुनौती को स्वीकार करते हुए, उनकी टीम अब महाराष्ट्र के सभी जिलों में स्कूलों का दौरा कर रही है।
महाराष्ट्र के ‘योद्धाओं’ के बच्चों से शुरुआत
ठाणे जिले में, जिला प्रशासन की अनुमति से, उनकी टीम स्कूल-स्कूल जाकर बच्चों की ‘हेड मैपिंग’ करेगी और उन्हें रंग-बिरंगे, आकर्षक और सुरक्षित हेलमेट प्रदान करेगी।
इस पहले चरण में जिन बच्चों को शामिल किया जा रहा है, वे हैं:पुलिसकर्मियों के बच्चे।बस चालकों के बच्चे।ऑटो चालकों के बच्चे।


राघवेंद्र कुमार ने इन सभी के पिताओं को ‘महाराष्ट्र का योद्धा’ बताया। उन्होंने कहा, “ये लोग अपने घर को समय न देकर सबसे ज्यादा समय सड़कों पर ड्यूटी में बिताते हैं और किसी भी चुनौती पर देवदूत बनकर पहले लोगों की मदद करते हैं। इसलिए हमारा फर्ज बनता है कि इनके परिवार में बच्चों को सबसे पहले हम संजीवनी बूटी हेलमेट देकर खुशियाँ पहुँचाएँ और भारत के भविष्य के लिए उन बच्चों को पहले योद्धा बनाएँ।”


अभियान का लक्ष्य
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य स्पष्ट है— युवा बनने से पहले ही बच्चों में हेलमेट पहनने की आदत विकसित की जाए।राघवेंद्र कुमार के अनुसार, ऐसा होने से सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु और राष्ट्र को प्रतिवर्ष होने वाले भारी आर्थिक नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि महाराष्ट्र में सड़क हादसों में मरने वालों में 80% लोग बाइक सवार, साइकिल सवार और पैदल यात्री हैं—जो सीधे तौर पर सुरक्षा की कमी और हेलमेट न पहनने का परिणाम है।


KBC में मिली सराहना, अमिताभ बच्चन ने किया समर्थन
हाल ही में, हेलमेट मैन ऑफ इंडिया की उपस्थिति लोकप्रिय शो कौन बनेगा करोड़पति (KBC) में भी चर्चा का विषय बनी थी।शो के मेज़बान, अमिताभ बच्चन, उनसे बेहद प्रभावित हुए और कार्यक्रम में हेलमेट उपहार मिलने पर भावुक हो उठे।अगले ही दिन, बच्चन साहब ने अपने ब्लॉग में लिखा: “हेलमेट मैन ऑफ इंडिया को मित्र बनाना मेरा सौभाग्य है।”

  • नवरात्र के अवसर पर, उन्होंने अपने प्रशंसकों को हेलमेट बांटने के बाद ट्वीट किया कि हेलमेट बांटने की प्रेरणा उन्होंने हेलमेट मैन ऑफ इंडिया के सेल्फलेस कार्य से ली है।अमिताभ बच्चन ने स्वयं उन्हें महाराष्ट्र की सड़कों पर सुरक्षा कार्य जारी रखने का आमंत्रण दिया है।

  • 12 वर्ष पूर्व एक सड़क हादसे में अपने मित्र को खोने के बाद राघवेंद्र कुमार ने यह प्रण लिया था कि सड़क हादसे में कोई भी व्यक्ति हेलमेट न होने के कारण अपनी जान नहीं गंवाएगा। तब से वे भारत के 22 राज्यों में अभियान चलाकर 75 हज़ार से अधिक हेलमेट निशुल्क वितरित कर चुके हैं और हजारों लोगों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। अब भारतीय सेना भी उनके इस मिशन में साथ खड़ी है।

Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed