Bihar:उत्तरी कोयल जलाशय परियोजना: भू-अर्जन 15 दिसंबर तक पूरा करने का मुख्य सचिव का कड़ा निर्देश!
Magadh Express:-बिहार के मुख्य सचिव, श्री प्रत्यय अमृत, ने आज एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक में उत्तरी कोयल जलाशय परियोजना (North Koel Reservoir Project) के भू-अर्जन (Land Acquisition) कार्य को 15 दिसंबर 2025 तक हर हाल में पूरा करने का कड़ा निर्देश दिया है। उन्होंने परियोजना की धीमी गति पर चिंता व्यक्त करते हुए संबंधित विभागों को भुगतान संबंधी समस्याओं का तत्काल समाधान करने के लिए कहा।
परियोजना का महत्व
₹1367.61 करोड़ की लागत वाली यह परियोजना झारखंड और बिहार के बीच एक महत्वपूर्ण अंतर-राज्यीय जल संसाधन और सिंचाई योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य बिहार के गया जी और औरंगाबाद जिलों में किसानों को सिंचाई सुविधाएँ प्रदान कर कृषि उत्पादन को बढ़ावा देना है। मुख्य सचिव ने बताया कि माननीय प्रधानमंत्री, श्री नरेंद्र मोदी जी, स्वयं समय-समय पर इस महत्वपूर्ण परियोजना की प्रगति की समीक्षा कर रहे हैं।
भू-अर्जन की वर्तमान स्थिति
जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव, श्री संतोष कुमार मल्ल, ने प्रस्तुतीकरण में भू-अर्जन की प्रगति की जानकारी दी:
- औरंगाबाद ज़िला: 41.251 हेक्टेयर के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 27.080 हेक्टेयर ज़मीन प्राप्त कर ली गई है।
- गया जी ज़िला: 96.749 हेक्टेयर के लक्ष्य के विरुद्ध केवल 5.350 हेक्टेयर ज़मीन प्राप्त की गई है।
मुख्य सचिव के प्रमुख निर्देश - भू-अर्जन की समय सीमा: 15 दिसंबर 2025 तक शत-प्रतिशत भू-अर्जन का कार्य पूरा करें।
- भुगतान में तेजी: वित्त विभाग को भू-अर्जन के भुगतान में आ रही सभी दिक्कतों का तुरंत निष्पादन करने का निर्देश दिया गया है, ताकि काम में कोई रुकावट न आए।
अन्य प्रगति - North Koel Right Main Canal का संयुक्त निरीक्षण पूरा हो चुका है।पोल शिफ्टिंग का कार्य तीव्र गति से जारी है।
- Asian Development Research Institute (ADRI), पटना को Social Impact Assessment सहित अन्य कार्यों के लिए ससमय भुगतान कर दिया गया है।
समीक्षा बैठक में विशेष सचिव, वित्त विभाग, श्री मुकेश कुमार लाल; राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के निदेशक (भू-अर्जन), श्री कमलेश कुमार सिंह; WABCOS के प्रतिनिधि और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारीगण मौजूद थे। गया जी एवं औरंगाबाद के जिलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े थे।