नबीनगर में NDA-Mahagathbandhan की कांटे की टक्कर: नीतीश-तेजस्वी आमने-सामने, वोट बंटवारे से मुश्किल भरा मुकाबला

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औरंगाबाद, 9 नवंबर 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे चरण के अंतिम प्रचार दिवस पर औरंगाबाद जिले के नबीनगर विधानसभा क्षेत्र में सियासी तापमान चरम पर पहुंच गया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एनडीए प्रत्याशी चेतन आनंद के पक्ष में जोरदार रैली की, तो वहीं विपक्षी महागठबंधन के नेता तेजस्वी यादव ने राजद प्रत्याशी अमोद चंद्रवंशी के लिए शिरीष गांव में जनसभा को संबोधित किया। दोनों नेताओं की एक साथ मौजूदगी ने इस सीट को सियासी जंग का केंद्र बना दिया, जहां निर्दलीय उम्मीदवारों और जनसुराज पार्टी के बीच वोटों का बंटवारा दोनों गठबंधनों के लिए चुनौती बन गया है। कल 11 नवंबर को होने वाले मतदान के मद्देनजर मतदाताओं से अपील की जा रही है कि वे सक्रिय भागीदारी निभाएं और लोकतंत्र की मजबूती में योगदान दें।


नबीनगर विधानसभा क्षेत्र, जो ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण रहा है—यहां से स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और बिहार के पहले उपमुख्यमंत्री अनुग्रह नारायण सिन्हा चुनकर आए थे—इस बार फिर राष्ट्रीय स्तर की सियासत का केंद्र बन गया है। एनडीए की ओर से जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने चेतन आनंद को टिकट दिया है, जो पूर्व सांसद आनंद मोहन सिंह के पुत्र हैं। आनंद मोहन, जो बाहुबली छवि के लिए जाने जाते हैं, ने हाल ही में बेटे के पक्ष में प्रचार को तेज कर दिया है।

नीतीश कुमार ने शनिवार को नबीनगर पहुंचकर चेतन के लिए वोट मांगे और विकास की गारंटी देते हुए कहा, “हमारा गठबंधन पिछड़ों और गरीबों के हितों की रक्षा करेगा। नबीनगर को 90 प्रतिशत वोटों से जीत दिलानी है।” उनके इस दौरे से एनडीए कार्यकर्ताओं में उत्साह का संचार हुआ, खासकर अतिपिछड़ा वर्ग में।


दूसरी ओर, महागठबंधन ने अतिपिछड़ा समुदाय से आने वाले साधारण मुखिया अमोद चंद्रवंशी को मैदान में उतारा है। तेजस्वी यादव ने शिरीष गांव में एक सादगी भरी सभा को संबोधित करते हुए कहा, “अमोद भाई जैसे सच्चे सेवक ही नबीनगर का भविष्य बदल सकते हैं। एनडीए की सत्ता लोलुपता को मतदाता सबक सिखाएंगे।” तेजस्वी का यह दौरा राजद के कोर वोट बैंक—यादव, मुस्लिम और अतिपिछड़ों—को एकजुट करने का प्रयास था। हालांकि, स्थानीय स्तर पर कुछ जनसभाओं में तेजस्वी का नाम सुनते ही भीड़ ने चेतन आनंद के पक्ष में नारे लगाए, जो महागठबंधन के लिए चिंता का विषय बन गया।


इस सीट पर कांटे की टक्कर का अनुमान लगाया जा रहा है, क्योंकि कुल 14 उम्मीदवार मैदान में हैं। निर्दलीय उम्मीदवारों और अर्चना चंद्र यादव की जनसुराज पार्टी के बीच वोटों का बंटवारा दोनों प्रमुख गठबंधनों को नुकसान पहुंचा सकता है। एनडीए को चेतन आनंद की जीत की उम्मीद है, लेकिन पूर्व विधायक वीरेंद्र कुमार सिंह के जेडीयू से इस्तीफे ने पार्टी के अंदर खलबली मचा दी है। वहीं, महागठबंधन का दांव अमोद चंद्रवंशी के ‘साधारण चेहरे’ पर है, जो अतिपिछड़ों की आवाज बनने का दावा कर रहे ह

आपका वोट, आपका अधिकार


कल 11 नवंबर को नबीनगर सहित बिहार के 122 विधानसभा क्षेत्रों में दूसरा चरण का मतदान होगा। निर्वाचन आयोग की अपील है कि सभी मतदाता सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक सक्रिय रहें। फर्जी वोटिंग, पैसे का लेन-देन या धमकी से बचें। महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध हैं। याद रखें, हर वोट लोकतंत्र को मजबूत करता है—अपना मताधिकार जरूर इस्तेमाल करें। अधिक जानकारी के लिए ईवीएम मॉक पोल और वोटर हेल्पलाइन 1950 पर संपर्क करें।
यह मुकाबला न केवल नबीनगर, बल्कि पूरे बिहार की सियासत की दिशा तय करेगा। एनडीए विकास और स्थिरता का दावा कर रहा है, तो महागठबंधन सामाजिक न्याय का। अंतिम घंटों में दोनों पक्षों ने डोर-टू-डोर कैंपेन तेज कर दिया है। परिणाम 14 नवंबर को आएंगे, जो बताएंगे कि नबीनगर की जनता किस ओर झुकी।

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