बिहार चुनाव 2025: NDA का ‘संकल्प पत्र’ जारी, 1 करोड़ नौकरियों और ‘लखपति दीदी’ का दांव, विपक्ष ने पूछा- ‘पैसे कहां से आएंगे?’
पटना, 31 अक्टूबर 2025: बिहार विधानसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने शुक्रवार को पटना में अपना संयुक्त ‘संकल्प पत्र’ जारी कर दिया। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी में लॉन्च हुए इस घोषणा-पत्र में वादों का पिटारा खोल दिया गया है। एनडीए ने 1 करोड़ सरकारी नौकरियों, 1 करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने और किसानों की सहायता राशि दोगुनी करने जैसे बड़े ऐलान किए हैं।
जहां एनडीए इसे ‘विकसित बिहार’ का रोडमैप बता रहा है, वहीं महागठबंधन ने इसे ’26 सेकंड का जुमला’ और ‘झूठों का पुलिंदा’ करार देते हुए फंडिंग पर तीखे सवाल उठाए हैं।
‘संकल्प पत्र’ के मुख्य वादे:
- रोजगार: 1 करोड़ युवाओं के लिए सरकारी नौकरियां और रोजगार के अवसर।
- महिला: 1 करोड़ महिलाओं को ‘मिशन करोड़पति’ के तहत ‘लखपति दीदी’ बनाना।
- किसान: किसान सम्मान निधि ₹6,000 से बढ़ाकर ₹9,000, सभी फसलों पर MSP की गारंटी।
- गरीब कल्याण: 50 लाख नए पक्के मकान और 125 यूनिट मुफ्त बिजली।
- इंफ्रा: 7 नए एक्सप्रेसवे, 4 शहरों में मेट्रो और सीतामढ़ी को ‘आध्यात्मिक नगरी’ बनाना।
रोजगार का ‘महायज्ञ’: 1 करोड़ का लक्ष्य
एनडीए के संकल्प पत्र का मुख्य फोकस बिहार की सबसे ज्वलंत समस्या ‘बेरोजगारी’ पर है। गठबंधन ने 1 करोड़ युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों और रोजगार के अवसरों का ‘महायज्ञ’ करने का वादा किया है।
- इसके तहत हर जिले में मेगा स्किल सेंटर, 10 नए औद्योगिक पार्क, 100 एमएसएमई पार्क और 50,000 कुटीर उद्योग स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।
- भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने दावा किया कि पिछले दशक में 50 लाख नौकरियां दी जा चुकी हैं और अब इस संख्या को दोगुना किया जाएगा।
महिला और किसान: वोट बैंक पर सीधी नजर
रोजगार के बाद, एनडीए ने महिला और किसान वोट बैंक को साधने का बड़ा प्रयास किया है।
- महिला सशक्तिकरण: 1 करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने के लिए ‘मिशन करोड़पति’ शुरू किया जाएगा। इसके अलावा, ‘महिला रोजगार योजना’ के तहत ₹2 लाख तक की सहायता दी जाएगी।
- किसान कल्याण: किसानों के लिए सम्मान निधि को ₹6,000 से बढ़ाकर ₹9,000 करने का वादा है। मत्स्य पालकों की सहायता भी ₹4,500 से ₹9,000 की जाएगी। एनडीए ने सभी फसलों पर एमएसपी की गारंटी और कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर में ₹1 लाख करोड़ के निवेश का भी ऐलान किया है।
- गरीब कल्याण: 50 लाख नए पक्के मकान, 125 यूनिट मुफ्त बिजली और सामाजिक सुरक्षा पेंशन को भी संकल्प पत्र में शामिल किया गया है।
इंफ्रास्ट्रक्चर से ‘विकसित बिहार’ का सपना
एनडीए ने बिहार के पिछड़ेपन की छवि को तोड़ने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा दांव खेला है।
- 7 नए एक्सप्रेसवे के साथ 3,600 किमी रेल ट्रैक का आधुनिकीकरण किया जाएगा।
- पटना, दरभंगा, पूर्णिया और भागलपुर में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाने का वादा है।
- राज्य के 4 नए शहरों में मेट्रो सेवा शुरू करने की योजना है।
- इसके अतिरिक्त, डिफेंस कॉरिडोर, सेमीकंडक्टर पार्क और विशेष रूप से सीतामढ़ी को ‘आध्यात्मिक नगरी’ के रूप में विकसित करने का वादा राम मंदिर की लहर को भुनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषण: युवा-महिला पर फोकस, लेकिन फंडिंग पर सवाल
यह घोषणा-पत्र स्पष्ट रूप से बिहार की जनसांख्यिकी को साधने का प्रयास है। राज्य की 60% आबादी 35 वर्ष से कम है और बेरोजगारी दर 15% से ऊपर है। 1 करोड़ नौकरियों का वादा सीधे तौर पर 2020 में तेजस्वी यादव के ’10 लाख नौकरियां’ वाले वादे की काट के तौर पर देखा जा रहा है।
हालांकि, विशेषज्ञ फंडिंग के स्रोत को लेकर सवाल उठा रहे हैं। यह स्पष्ट नहीं है कि इतना बड़ा बजट केंद्र की मदद से आएगा या राज्य के खजाने से। पिछले 5 वर्षों में एनडीए सरकार ने औसतन 2-3 लाख नौकरियां ही दी हैं, ऐसे में 1 करोड़ का लक्ष्य एक बड़ी चुनौती है।
महिलाओं पर फोकस भी रणनीतिक है, क्योंकि 2020 में महिलाओं की वोटिंग दर (59%) पुरुषों से अधिक थी। ‘लखपति दीदी’ योजना उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के सफल मॉडल को बिहार में दोहराने का प्रयास है।
विपक्ष का तीखा पलटवार: ‘झूठों का संकल्प’
संकल्प पत्र जारी होते ही महागठबंधन ने एनडीए पर सवालों की बौछार कर दी।
- कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने इसे ’26 सेकंड का प्रेसर’ (प्रेस कॉन्फ्रेंस) कहकर खारिज किया और ‘झूठों का पुलिंदा’ बताया।
- आरजेडी की मीसा भारती ने फंडिंग पर सबसे तीखा सवाल दागा। उन्होंने पूछा, “पैसे कहां से आएंगे? किसके बाप के घर से?” मीसा ने याद दिलाया कि 2020 में तेजस्वी के 10 लाख नौकरियों के वादे को ही नीतीश कुमार ने लागू किया था।
- डीएमके सांसद दयानिधि मारन ने इसे तमिलनाडु की योजनाओं की “नकल” करार दिया।
- विपक्ष ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ‘चुप्पी’ पर भी तंज कसा। कांग्रेस ने कहा कि वे ‘साइलेंट नीतीश’ हो गए हैं।
‘संकल्प’ बनाम ‘परिवर्तन’
एनडीए का यह ‘संकल्प पत्र’ बिहार को ‘विकसित’ बनाने का एक भव्य विजन पेश करता है, लेकिन इसकी विश्वसनीयता इसके कार्यान्वयन पर निर्भर करेगी। 2025 के इस चुनावी महासंग्राम में जहां एनडीए ‘डबल इंजन’ के दम पर सत्ता बचाने की जंग लड़ रहा है, वहीं महागठबंधन ‘परिवर्तन’ और ‘न्याय पत्र’ के सहारे वापसी की कोशिश में है। बिहार के युवा और महिला मतदाता इस बार किस पर भरोसा जताते हैं, यही चुनाव का फैसला तय करेगा।
