Gaya jee,रक्षाबंधन पर ‘मिठाई’ में मिलावट का खेल: सिर्फ 6 दुकानों पर कार्रवाई, हजारों दुकानें धड़ल्ले से बेचती रहीं नकली मिठाइयां

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गया: रक्षाबंधन से ठीक पहले, गया में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। शुक्रवार, 8 अगस्त, 2025 को विभाग ने शहर के सिर्फ 6 मिठाई प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर 8 संदिग्ध मिठाइयों के सैंपल लिए, जबकि हकीकत यह है कि शहर की हजारों दुकानों पर धड़ल्ले से नकली और मिलावटी मिठाइयां बिकती रहीं

​यह कार्रवाई ऐसे समय में की गई है जब त्योहारों पर मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है और मुनाफाखोर व्यापारी घटिया सामग्री और कृत्रिम रंगों का इस्तेमाल कर लोगों की सेहत से खिलवाड़ करते हैं। हालांकि, इस सीमित कार्रवाई से यह संदेश गया है कि खाद्य सुरक्षा विभाग की नज़र सिर्फ कुछ दुकानों पर ही है, जबकि छोटे-बड़े हर प्रतिष्ठान पर ऐसे सैंपल लेने की जरूरत है।

​जांच के लिए जिन दुकानों से सैंपल लिए गए, उनमें एम.के. अग्रवाल स्वीट्स, बिठल स्वीट्स, वंदना स्वीट्स एंड नमकीन, जैन स्वीट्स एंड नमकीन, श्री कृष्णा मिष्ठान भंडार और प्रमोद लड्डू भंडार शामिल हैं। इन प्रतिष्ठानों से खोवा बर्फी, पेड़ा, आइसक्रीम बर्फी, लड्डू, वनस्पति पापड़ी और खिर मोहन के सैंपल लिए गए हैं। इन नमूनों को गुणवत्ता जांच के लिए खाद्य एवं औषधि प्रयोगशाला, पटना भेजा गया है।

​लोगों का कहना है कि यह कार्रवाई सिर्फ दिखावे के लिए है। उनका सवाल है कि जब शहर की हर गली-मोहल्ले में खुली छोटी-बड़ी दुकानों पर खुलेआम मिलावटी मिठाई बेची जा रही थी, तब विभाग की टीम ने उन पर कार्रवाई क्यों नहीं की?

​जानकारों का मानना है कि इस तरह की अधूरी कार्रवाई से मिलावटखोरों के हौसले और भी बुलंद होंगे। जब तक सभी दुकानों पर सख्ती से जांच नहीं होगी, तब तक लोगों को शुद्ध और सुरक्षित मिठाई मिलना मुश्किल है। विभाग ने कहा है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह कार्रवाई सिर्फ कुछ नामी दुकानों तक ही सीमित रहेगी या फिर सभी मिलावटखोरों पर नकेल कसी जाएगी?

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