किसानों के लिए खुशखबरी! बिहार में अब होगी ‘तकनीकी खेती’ की क्रांति, लाखों की सब्सिडी के साथ खुलेंगे सैकड़ों कस्टम हायरिंग सेंटर

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पटना, बिहार: खेती-किसानी को आधुनिकता की नई उड़ान देने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए बिहार सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य में कृषि यांत्रिकीकरण योजना (2025-26) के तहत अब किसान, स्वयं सहायता समूह (SHG), और किसान उत्पादक संगठन (FPO) लाखों की सब्सिडी के साथ अपने खुद के कस्टम हायरिंग सेंटर, कृषि यंत्र बैंक और स्पेशल कस्टम हायरिंग सेंटर खोल सकेंगे। इस पहल से छोटे से छोटे किसान भी आधुनिक और महंगे कृषि उपकरणों का लाभ उठा पाएंगे, जिससे समय और धन दोनों की बचत होगी।

25 जुलाई, 2025 से करें ऑनलाइन आवेदन, मिलेगा बंपर अनुदान

​यह योजना कृषि विभाग, बिहार कृषि प्रबंधन एवं प्रसार प्रशिक्षण संस्थान (BAMETI), और भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है। इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 25 जुलाई, 2025 से शुरू हो गई है।

क्या है खास इस योजना में?

  1. कस्टम हायरिंग सेंटर (कुल-267):
    • लागत: ₹10 लाख प्रति केंद्र।
    • अनुदान: 35 BHP या उससे अधिक के ट्रैक्टर पर ₹1.80 लाख और अन्य कृषि यंत्रों पर 40% (अधिकतम ₹4 लाख) की बंपर सब्सिडी।
    • कौन कर सकता है आवेदन: किसान, जीविका समूह/ग्राम संगठन, क्लस्टर फेडरेशन, आत्मा से संबद्ध फार्मर इंटरेस्ट ग्रुप (FIG), नाबार्ड/राष्ट्रीयकृत बैंक से संबद्ध किसान क्लब, फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन (FPO), स्वयं सहायता समूह और पैक्स।
  2. कृषि यंत्र बैंक (कुल-38):
    • लागत: ₹10 लाख प्रति बैंक।
    • अनुदान: 35 BHP या उससे अधिक के ट्रैक्टर पर ₹2.40 लाख और अन्य कृषि यंत्रों पर 80% (अधिकतम ₹8 लाख) का शानदार अनुदान।
    • पात्रता: कस्टम हायरिंग सेंटर के समान।
  3. फसल अवशेष प्रबंधन हेतु स्पेशल कस्टम हायरिंग सेंटर (कुल-120):
    • स्थान: रोहतास, कैमूर, बक्सर, भोजपुर, नालंदा, पटना, मुंगेर, औरंगाबाद, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, बेगूसराय, अररिया, गया, नवादा और जहानाबाद जैसे जिलों में।
    • लागत: ₹20 लाख प्रति केंद्र।
    • अनुदान: 55 PTO HP तक के ट्रैक्टर पर 40% (अधिकतम ₹3.60 लाख) और अन्य यंत्रों पर 80% (अधिकतम ₹12 लाख) का भारी-भरकम अनुदान।
    • पात्रता: कस्टम हायरिंग सेंटर के समान।

क्यों है यह योजना गेम चेंजर?

​विजय कुमार सिन्हा, बिहार कृषि प्रबंधन एवं प्रसार प्रशिक्षण संस्थान से, ने बताया कि “यह योजना बिहार में कृषि क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित होगी। यह न केवल किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ेगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी।” उन्होंने आगे कहा कि बिहार सरकार का सूचना एवं जनसंपर्क विभाग और उद्यान निदेशालय भी इस पहल का पूरा समर्थन कर रहे हैं।

​अब बिहार के किसान अपने पारंपरिक तरीकों को छोड़कर हाई-टेक कृषि की ओर कदम बढ़ा सकेंगे। इससे उनकी लागत घटेगी, उत्पादन बढ़ेगा, और अंततः उनकी आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

कैसे करें आवेदन?

​इच्छुक व्यक्ति या समूह 25 जुलाई, 2025 से कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट http://farmtech.bihar.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह मौका किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और बिहार को एक कृषि प्रधान राज्य के रूप में और मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।

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