पलामू में सूखा! तीन-चार दिन तक नहीं मिलेगी शराब, करोड़ों के राजस्व पर असर
Oplus_16908288
पलामू, झारखंड: मंगलवार से पलामू जिले में शराब प्रेमियों को मायूसी हाथ लगेगी! झारखंड स्टेट बेवरेजेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (JSBCL) द्वारा जिले की सभी 79 शराब दुकानों को अपने नियंत्रण में लेने की प्रक्रिया के कारण अगले तीन से चार दिनों तक शराब की बिक्री पूरी तरह से बंद रहेगी. यह कदम 30 जून को निजी कंपनियों के साथ हुए समझौता ज्ञापन (MoU) की अवधि समाप्त होने और सरकार से आगे के निर्देशों की अनुपलब्धता के बाद उठाया गया है.
पलामू के उत्पाद अधीक्षक संजीत देव ने बताया कि JSBCL सभी दुकानों को टेकओवर कर रही है. यह प्रक्रिया पूरी होने या अगले सरकारी आदेश तक शराब की दुकानें बंद रहेंगी. इसके बाद ही दुकानों का संचालन फिर से शुरू हो पाएगा.
करोड़ों का कारोबार, बिहार से सटी सीमा का प्रभाव
यह फैसला पलामू जिले के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है, जहां शराब की खपत बड़े पैमाने पर होती है. विभागीय आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024-25 में पलामू में 108 करोड़ रुपये की शराब की खपत हुई है. त्योहारों और विशेष अवसरों पर तो यह आंकड़ा 2 करोड़ रुपये तक पहुंच जाता है. जिले में सबसे अधिक शराब की दुकानें मेदिनीनगर में हैं, वहीं बिहार से सटे हरिहरगंज और हुसैनाबाद जैसे इलाकों में भी शराब की भारी बिक्री होती है.
पलामू में शराब की बिक्री में इस भारी वृद्धि का एक प्रमुख कारण पड़ोसी राज्य बिहार में लागू शराबबंदी कानून भी है. बिहार के शराब शौकीन बड़ी संख्या में पलामू आकर शराब का सेवन करते हैं, जिससे झारखंड के इस जिले को शराब बिक्री से अच्छा खासा राजस्व प्राप्त होता है.
फिलहाल, पलामू के लोग और प्रशासन, दोनों ही इस “सूखे” के जल्द खत्म होने और शराब की दुकानों के फिर से खुलने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान कम हो सके.