पटना: रिश्वतखोर जिला योजना पदाधिकारी को 5 साल की जेल, निगरानी अदालत ने सुनाई सजा,इस साल अब तक भ्रष्टाचार के 08 मामलों में न्यायालय द्वारा सजा सुनाई गई

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पटना/मुजफ्फरपुर। भ्रष्टाचार के विरुद्ध नीतीश सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो को एक और बड़ी सफलता मिली है। मुजफ्फरपुर के तत्कालीन जिला योजना पदाधिकारी ओम प्रकाश को निगरानी की विशेष अदालत ने रिश्वत लेने के मामले में दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।

​2 लाख रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ हुए थे गिरफ्तार

​मामला वर्ष 2016 का है। खगड़िया जिले के परिवादी दीपक कुमार पाल्ड़ीवाल ने शिकायत दर्ज कराई थी कि एकीकृत कार्य योजना के तहत स्कूलों में आपूर्ति किए गए डेस्क-बेंच के भुगतान के बदले ओम प्रकाश 2,00,000 रुपये की रिश्वत मांग रहे हैं। निगरानी विभाग ने जाल बिछाकर 13 मई 2016 को आरोपी अधिकारी को रिश्वत की रकम के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।

​अदालत का फैसला: जेल और जुर्माना

​निगरानी न्यायाधीश श्री दशरथ मिश्रा ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अभियुक्त ओम प्रकाश को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी पाया:

  • धारा 7 के तहत: 3 वर्ष का सश्रम कारावास और 10,000 रुपये अर्थदंड।
  • धारा 13(2) के तहत: 5 वर्ष का सश्रम कारावास और 10,000 रुपये अर्थदंड।
  • अतिरिक्त सजा: अर्थदंड की राशि जमा न करने पर 2 महीने की अतिरिक्त साधारण जेल भुगतनी होगी। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।

​सरकार की ओर से विशेष लोक अभियोजक श्री कृष्ण देव साह ने प्रभावी तरीके से पैरवी कर आरोपी को सजा दिलाने में सफलता हासिल की।

​वर्ष 2026 में अब तक 8 भ्रष्ट अधिकारियों को सजा

​निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार, इस साल अब तक भ्रष्टाचार के 08 मामलों में न्यायालय द्वारा सजा सुनाई जा चुकी है। ब्यूरो द्वारा जारी सूची के अनुसार, सजा पाने वालों में रेंजर, कनीय अभियंता, थाना प्रभारी और प्रधान लिपिक जैसे पद शामिल हैं।

साल 2026 में अब तक दोषी पाए गए प्रमुख अधिकारी:

  1. ​सीताराम चौधरी (तत्कालीन रेंजर, वैशाली)
  2. ​जयराम सिंह (कनीय अभियंता, नवादा)
  3. ​नरेश प्रसाद (सहायक अवर निरीक्षक, नालंदा)
  4. ​सुदामा राय (कनीय विद्युत अभियंता, नवादा)
  5. ​राम नरेश प्रसाद (प्रभारी प्रधान लिपिक, रोहतास)
  6. ​कृष्णदेव पासवान (प्रधान लिपिक, रोहतास)
  7. ​लाल बाबू प्रसाद (तत्कालीन थाना प्रभारी, गया)
  8. ​ओम प्रकाश (जिला योजना पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर)

​निगरानी ब्यूरो ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार में संलिप्त लोक सेवकों के विरुद्ध अभियोजन की कार्रवाई और भी तेज की जाएगी।

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