औरंगाबाद : देव कार्तिक छठ मेला को मिला राजकीय मेला का दर्जा ,55 लाख रूपये की राशि की मिली स्वीकृति ,17 नवम्बर को मेला उद्घाटन के दिन प्रभारी मंत्री करेंगे आधिकारिक रूप से घोषणा ,राजद ने दी बधाई

मगध एक्सप्रेस : ऐतिहासिक ,पौराणिक ,एवं धार्मिक दृष्टिकोण से अति महत्वपूर्ण सौर तीर्थ स्थल देव में होने वाले चार दिवसीय कार्तिक छठ मेला को राजकीय मेला का दर्जा प्राप्त हो गया है। हालांकि इसकी आधिकारिक घोषणा 17 नवम्बर को होने वाले देव कार्तिक छठ मेला 2023 को प्रभारी मंत्री आलोक मेहता के द्वारा की जायेगी। वहीँ खबर है कि देव कार्तिक छठ मेला को राजकीय मेला का दर्जा प्राप्त होते ही 55लाख रुपये की भी स्वीकृति दे दी गई है.

इस आशय की जानकारी देते हुए राष्ट्रीय जनता दल [राजद] के जिला प्रवक्ता डॉ रमेश यादव ने कहा है कि औरंगाबाद जिले के प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल भागवान भास्कर की पवित्र नगरी देव छठ मेला को महागठबंधन की सरकार के सम्मानित मुख्यमंत्री नीतीश कुमार , उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव, जिले के प्रभारी मंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री आलोक कुमार मेहता के प्रयास से देव मेला का राजकीय मेला का दर्जा दिया गया। और मेले में श्रद्धालुओं के लिए सुविधा के लिए राशि भी आवंटित कर दी गई है । उक्त मेले की राजकीय मेला की घोषणा 17 नवंबर को प्रभारी मंत्री आलोक मेहता के द्वारा की जाएगी।

रमेश यादव ने कहा है कि भाजपा नीतीश जी के साथ सत्ता में कई वर्षों तक रही लेकिन लोगों को केवल ठगने का काम किया। हिंदू हित की बात करती है लेकिन राजकीय मेला का दर्जा नहीं दिलवा सके। महागठबंधन की सरकार बनते ही बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव देव महोत्सव में औरंगाबाद की जनता से वादा किया था की देव छठ मेला को राजकीय मेला का दर्जा जल्द दिला देंगे, औरंगाबाद के प्रभारी मंत्री आलोक मेहता जी का भी काफी सराहनीय प्रयास रहा।
राष्ट्रीय जनता दल देव छठ मेला को राजकीय मेला का दर्जा देने पर माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव और प्रभारी मंत्री आलोक मेहता को बधाई दी है। राजकीय मेला की घोषणा प्रभारी मंत्री 17 नवंबर को छठा मेला उद्घाटन के क्रम में करेंगे और मेला के विकास के लिए प्रभारी मंत्री सह राजस्व भूमि सुधार मंत्री के प्रयास से राशि भी आवंटित कर दी गई है। राज्य के कई हिस्सों से मेले के अवसर पर आने वाले श्रद्धालुओं को व्यापक पैमाने पर सभी प्रकार की व्यवस्थाएं करने का सरकार के स्तर से प्रयास किया जा रहा है।