औरंगाबाद: बाल श्रम के खिलाफ एकजुट हुआ जिला, ‘विश्व बाल श्रम निषेध दिवस’ पर जागरूकता और सम्मान समारोह का आयोजन
Magadh Express:औरंगाबाद जिले में ‘विश्व बाल श्रम निषेध दिवस’ के अवसर पर बाल श्रम के खात्मे और बच्चों के अधिकारों के प्रति समाज को जागरूक करने के लिए एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला पदाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा के निर्देशानुसार, श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग द्वारा वृहद आश्रय गृह (बालगृह), बभंडी में इस जागरूकता एवं सम्मान समारोह का संचालन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रम अधीक्षक श्रीमती प्रियंका ने की।

प्रभात फेरी से दिया जागरूकता का संदेश
कार्यक्रम की शुरुआत बालगृह के बच्चों द्वारा निकाली गई प्रभात फेरी से हुई। इस दौरान बच्चों ने बाल श्रम उन्मूलन के महत्व और शिक्षा के अधिकार के प्रति आम जनता और समाज को जागरूक करने का संदेश दिया।
बाल श्रमिकों का पुनर्वास और मेधावी बच्चों का सम्मान
इस अवसर पर शासन की ओर से बाल श्रम से मुक्त कराए गए बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने की पहल की गई:
- आर्थिक सहायता: कुटुंबा प्रखंड से चिन्हित एक विमुक्त बाल श्रमिक को त्वरित सहायता के रूप में ₹3,000 की नकद राशि प्रदान की गई।
- हस्तशिल्प कला का सम्मान: बालगृह में पुनर्वासित एक बालक को उसकी उत्कृष्ट हस्तशिल्प कला के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
- वाद-विवाद प्रतियोगिता: “वर्तमान परिदृश्य में बाल श्रम का मुद्दा” विषय पर आयोजित जिला स्तरीय वाद-विवाद प्रतियोगिता में विजेताओं को सम्मानित किया गया। प्रथम स्थान पर पायल कुमारी, द्वितीय पर पुष्पेंद्र कुमार और तृतीय स्थान पर प्रमिला कुमारी रहीं, जिन्हें प्रशस्ति पत्र, मोमेंटो और पुस्तकें भेंट की गईं।

बाल सुरक्षा और शिक्षा पर जोर
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों ने बाल श्रम उन्मूलन, बच्चों की शिक्षा, उनकी सुरक्षा और गरिमापूर्ण पुनर्वास के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई, श्री महेशशानंद सहित विभाग के अन्य पदाधिकारी भी इस अवसर पर मौजूद रहे। अंत में समाज के सभी वर्गों से अपील की गई कि वे बाल श्रम जैसी कुरीति के विरुद्ध एक संवेदनशील भूमिका निभाएं और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए मिलकर प्रयास करें।

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