गया: इमामगंज में अवैध वसूली का पर्दाफाश; डीएम ने बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर सचिन कुमार और असिस्टेंट इंजीनियर राजीव झा सहित 5 पर कार्रवाई का दिया निर्देश

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Magadh Express: गया जिला पदाधिकारी (DM) शशांक शुभंकर ने इमामगंज प्रखंड मेबिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मियों द्वारा की गई अवैध वसूली और मनमानी के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। मंझौली ग्राम निवासी उमेश साव की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए डीएम ने इमामगंज के जूनियर इंजीनियर (JE), असिस्टेंट इंजीनियर (AE) सहित पांच कर्मियों के विरुद्ध विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

​क्या है पूरा मामला?

​मंझौली गांव निवासी उमेश साव की इमामगंज में आइस फैक्ट्री है। उमेश साव ने जिला पदाधिकारी को शिकायत दर्ज कराई थी कि इमामगंज बिजली विभाग की एक टीम ने उनकी फैक्ट्री पर छापा मारा और ‘टोका’ (अवैध हुकिंग) फंसाकर मशीन चलाने का आरोप लगाया। आवेदक ने इस आरोप को सिरे से खारिज करते हुए विभाग पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया।

​शिकायत में बताया गया कि कनीय अभियंता (JE) सचिन कुमार और सहायक अभियंता (AE) राजीव झा के नेतृत्व में पहुंची टीम ने फैक्ट्री मालिक को फंसाने की धमकी दी। इसके बाद, मामले को रफा-दफा करने की एवज में अधिकारियों ने अवैध रूप से मोटी रकम की मांग की।

​जांच में खुली धांधली की पोल

​डीएम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शेरघाटी के अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) को इसकी विस्तृत जांच करने का जिम्मा सौंपा। अनुमंडल पदाधिकारी की जांच रिपोर्ट में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए:

  1. साक्ष्य का अभाव: बिजली विभाग की टीम यह साबित करने में पूरी तरह विफल रही कि फैक्ट्री में टोका फंसाकर मशीन चलाई जा रही थी। विभाग की ओर से कोई भी ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया।
  2. रिश्वत का पुख्ता सबूत: जांच के दौरान यह पाया गया कि कनीय अभियंता सचिन कुमार ने रंजीत कुमार (लेखापाल) के बैंक खाते में UPI के माध्यम से 20,000 रुपये मंगवाए थे।
  3. नकद वसूली: आवेदक ने यह भी आरोप लगाया कि कनीय अभियंता ने 50,000 रुपये नकद के रूप में अवैध रूप से वसूले हैं।

​किन-किन पर हुई कार्रवाई?

​अनुमंडल पदाधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर डीएम शशांक शुभंकर ने बिजली विभाग के अधीक्षक अभियंता को निम्नलिखित कर्मियों के विरुद्ध सख्त अनुशासनिक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है:

  • सचिन कुमार (कनीय अभियंता, इमामगंज): इन्हें निलंबित करने हेतु विभाग को पत्र भेजा गया है।
  • राजीव झा (सहायक अभियंता, इमामगंज)
  • रंजीत कुमार (लेखापाल)
  • संजय पासवान (मानव बल)
  • विक्रम सिंह (सुपरवाइजर)

​इसके अतिरिक्त, इस मामले में संलिप्त लाइनमैन की भूमिका भी अत्यधिक संदिग्ध पाई गई है। प्रशासन ने लाइनमैन के विरुद्ध प्राथमिकी (FIR) दर्ज करते हुए कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

​प्रशासन का सख्त संदेश

​जिला पदाधिकारी के इस सख्त निर्देश के बाद इमामगंज बिजली विभाग में हड़कंप मच गया है। भ्रष्टाचार के खिलाफ डीएम की इस कार्रवाई को एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि विभाग को यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि जनता के साथ दुर्व्यवहार और अवैध वसूली किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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