खतरे की घंटी! बक्सर की ‘लाइफलाइन’ सड़क पर बह रहा बाढ़ का पानी, राहगीरों की जान जोखिम में
बक्सर: बक्सर में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर ने उसकी सहायक नदियों को भी उफान पर ला दिया है। कर्मनाशा नदी का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है, जिसके कारण बक्सर-मोहनिया स्टेट हाईवे पर लगभग 2 फीट तक बाढ़ का पानी बह रहा है। यह खतरनाक स्थिति चौसा थाना क्षेत्र के अखौरीपुर गोला के पास बनी हुई है।
यह हाईवे बक्सर को वाराणसी से जोड़ता है और इसे जिले की ‘लाइफलाइन’ कहा जाता है। सड़क पर पानी भरने से सैकड़ों लोगों का आवागमन जोखिम भरा हो गया है। करीब 2 फीट पानी होने के कारण पैदल चलना, साइकिल और बाइक से गुजरना बेहद खतरनाक है। सुबह के समय यह खतरा और भी बढ़ जाता है, क्योंकि पानी में सड़क का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है।
खाइयों का खतरा और प्रशासन की अनदेखी
स्थानीय निवासी लक्ष्मण पांडेय ने बताया कि सड़क के दोनों ओर गहरी खाइयां हैं। जब सड़क पर पानी भर जाता है, तो यह समझना लगभग असंभव हो जाता है कि सड़क कहां है और खाई कहां। इससे राहगीरों के गिरने का खतरा बना रहता है। कई स्कूली बच्चे भी इसी जोखिम भरे रास्ते से होकर स्कूल जा रहे हैं।
एक बाइक सवार युवक तो गलती से सड़क से नीचे उतर गया, लेकिन सौभाग्य से बाल-बाल बच गया। ग्रामीण प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि सड़क के किनारे लाल रिबन या कोई पहचान चिह्न लगाया जाए ताकि लोगों को रास्ता पता चल सके और हादसों को रोका जा सके।
प्रशासन की कार्रवाई
एसडीओ अविनाश कुमार ने बताया कि स्थानीय सीओ को सुरक्षा की दृष्टि से आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की तरफ से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
चौसा निवासी यतीन्द्र गुप्ता ने इस खतरनाक पानी में बच्चों के नहाने पर रोक लगाने की भी मांग की है, क्योंकि इससे उनकी जान को खतरा हो सकता है।