औरंगाबाद :हमारे देश में ऐसी अनेक संस्‍कृतियां और परंपराएं पाई जाती हैं, जो अपने आप में अद्भुत हैं. दुनिया के दूसरे देशों में ऐसा देखने को नहीं मिलता है. भंडारा भी हमारी सांस्‍कृतिक विरासत की देन है. इसमें निस्‍वार्थ भाव से भोजन कराया जाता है- शक्ति मिश्रा

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 मगध एक्सप्रेस :भारत सांस्‍कृतिक रूप से समृद्ध देश है. हमारे देश में ऐसी अनेक संस्‍कृतियां और परंपराएं पाई जाती हैं, जो अपने आप में अद्भुत हैं. दुनिया के दूसरे देशों में ऐसा देखने को नहीं मिलता है. भंडारा भी हमारी सांस्‍कृतिक विरासत की देन है. इसमें निस्‍वार्थ भाव से भोजन कराया जाता है.उक्त बातें औरंगाबाद जिले के सौर तीर्थ स्थल देव में आयोजित भगवान् श्री सूर्य नारायण महायज्ञ में शक्ति मिश्रा फाउंडेशन के चेयरमैन युवा समाजसेवी शक्ति मिश्रा ने कही।

बताते चले कि ऐतिहासिक ,पौराणिक एवं धार्मिक दृष्टिकोण से अति महत्वपूर्ण सौर तीर्थ स्थल देव में 23 अप्रैल अक्षय तृतीया के दिन से ही भगवान् श्री सूर्य नारायण महायज्ञ का आयोजन प्रारम्भ है। यज्ञ के दौरान यज्ञ समिति द्वारा भंडारा का आयोजन किया गया था। भंडारा में हुई भव्य भीड़ को के कारण शुरुआत के दो दिनों तक यज्ञ समिति द्वारा भंडारा संचालित किया गया। यूँ कहे तो दो दिनों में ही भंडारा संचालित करने वाले लोगो के हाँथ पाँव फूल गए। हो भी क्यों नहीं , इस विशाल भंडारा में प्रत्येक दिन सुबह शाम लगभग चालीस हजार लोग महाप्रसाद ग्रहण कर रहे थे।

युवा समाजसेवी शक्ति मिश्रा ने बताया कि तीसरे दिन से ही शक्ति मिश्रा फाउंडेशन और शिव श्रृंगार समिति के सहयोग से सम्पूर्ण भंडारा की जिम्मेदारी ले ली और सुबहके 11 बजे से रात्रि के 11 बजे तक निरंतर भंडारा को चलायमान बनाया गया और प्रत्येक दिन लगभग चालीस हजार लोग इस महाभंडारा में प्रसाद ग्रहण कर रहे है। शक्ति मिश्रा ने आगे कहा कि शक्ति मिश्रा फाउंडेशन और शिव श्रृंगार समिति के सदस्यों ने अपने प्राण की फ़िक्र किये वगैर लगातार भंडारा को सफल बनाने में लगे हुए है। 23 अप्रैल से लेकर आज 29 अप्रैल तक प्रत्येक दिन लगभग 40 हजार महिला पुरुष श्रद्धालु इस महाभंडारा में महाप्रसाद ग्रहण कर रहे है। 27 अप्रैल को जिसदिन जगतगुरु रामभद्राचार्य जी महाराज पहुंचे थे उसदिन लगभग 50 हजार लोगो ने महाभंडारा में महाप्रसाद ग्रहण किया। यूँ कहे तो सुबह से अर्धरात्रि तक भंडारा स्थल पर तिल रखने की जगह भी नहीं है। कार्यकर्ताओ ने जिस तरह से दिन रात अपनी कड़ी मेहनत से इस भंडारा को सफल बनाया है वो आने वाले दिनों में यादगार रहेगा।

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