बिहार:मुख्यमंत्री के समक्ष चतुर्थ कृषि रोडमैप के सूत्रण हेतु दिया गया प्रस्तुतीकरण,उत्पादों की मार्केटिंग को बढ़ावा देने के साथ-साथ राज्य में होनेवाले उत्पादों की ब्रांडिंग तथा कृषि बाजार के विकास को लेकर योजनाबद्ध ढंग से काम करें

0
FB_IMG_1671710112020

Magadh Express :बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के समक्ष 1 अणे मार्ग स्थित ‘संकल्प’ में चतुर्थ कृषि रोडमैप के सूत्रण हेतु प्रस्तुतीकरण दिया गया। बैठक में कृषि सह पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के सचिव श्री एन0 सरवन कुमार ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से चतुर्थ कृषि रोडमैप को लेकर की जा रही तैयारियों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर कई विभागों के द्वारा इसकी तैयारियों को लेकर कई बिंदुओं पर काफी विचार विमर्श किया गया है। 

प्रस्तुतीकरण के दौरान सब्जी विकास, मधुमक्खी पालन, कृषि विविधीकरण, कृषि यंत्रीकरण, सिंचाई एवं जल निस्सरण, भंडारण एवं अधिप्राप्ति, सिंचाई एवं क्रॉपिंग इन्टेन्सिटी, प्रसंस्करण, डाटा संकलन, कृषि शिक्षा, बागवानी विकास, जलवायु अनुकूल कृषि कार्यक्रम, जैविक खेती, वेटनरी एजुकेशन, मिट्टी एवं जल संरक्षण, डिजिटल कृषि सहित अन्य बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा हुई। प्रस्तुतीकरण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि अबतक के तीनों कृषि रोडमैप में काफी कार्य किए गए हैं। फसलों का उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ी है। कृषि फीडर की अलग से व्यवस्था कर किसानों को सिंचाई कार्य में सुविधा पहुंचायी गई। जल- जीवन – हरियाली अभियान के तहत जल संरक्षण एवं हरित आवरण को बढ़ाने के लिए कई कार्य किए गए हैं। हर खेत तक सिंचाई के लिये पानी पहुंचाने के लिए कार्य किया जा रहा है, ताकि किसानों को कृषि कार्य में और सहूलियत हो।

मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुए कहा कि चतुर्थ कृषि रोडमैप में कृषि के आधुनिकीकरण को ध्यान में रखते हुए कार्य करें। उत्पादों की मार्केटिंग को बढ़ावा देने के साथ-साथ राज्य के उत्पादों की ब्रांडिंग तथा कृषि बाजार के विकास को लेकर योजनाबद्ध ढंग से काम करें। प्रखंड स्तर पर ई-किसान भवन में किसानों को कृषि एवं कृषि उत्पादों से संबंधित प्रशिक्षण एवं जानकारी सुगमतापूर्वक उपलब्ध कराएं। जलवायु अनुकूल कृषि कार्य एवं जैविक खेती के बेहतर क्रियान्वयन के लिए कार्य करें राज्य में ही बेहतर गुणवत्ता वाले बीज का विकास कराएं साथ ही फसल अवशेष प्रबंधन वाले यंत्रों का निर्माण भी यहीं करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चौर क्षेत्र के विकास के लिए ‘नीचे मछली ऊपर बिजली के उत्पादन की योजना पर बेहतर ढंग से काम करें। फसलों के विविधीकरण के लिए किसानों को प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि राज्य में सब्जी और मखाना का अच्छा उत्पादन हो रहा है, इसके उत्पादकों को और अधिक उत्पादन के लिये प्रोत्साहित करने के साथ-साथ सहूलियत प्रदान करें। सब्जी और मखाना उत्पाद की मार्केटिंग के लिये भी बेहतर ढंग से काम करें। चावल, गेहूं के अलावे अन्य फसलों के उत्पादन के लिए किसानों को प्रोत्साहित करें। पशुओं के नस्ल सुधार और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने के साथ-साथ पशु जनित उत्पाद के क्षेत्र में वैल्यू चेन और एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए काम करें। उन्होंने कहा कि मत्स्य पालन के लिए नए जलस्त्रोत के सृजन एवं विकास पर काम करें। जल जमाव से प्रभावित क्षेत्रों में निकासी के लिए क्षेत्रवार योजना बनाकर काम करें। राज्य में 17 प्रतिशत हरित आवरण के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पौधारोपण और तेजी से करायें।

बैठक में वित्त, वाणिज्य कर एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री विजय कुमार चौधरी, मुख्यमंत्री के परामर्शी श्री अंजनी कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्य सचिव श्री आमिर सुबहानी, विकास आयुक्त श्री विवेक कुमार सिंह, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव सह मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ० एस० सिद्धार्थ, कृषि सह पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के सचिव श्री एन० सरवन कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अनुपम कुमार एवं मुख्यमंत्री के विशेष कार्यपदाधिकारी श्री गोपाल सिंह उपस्थित थे।

Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed