औरंगाबाद में डेहरी नगर परिषद के कार्यपालक अधिकारी विमल कुमार की पीटकर निर्मम हत्या, चालक ही निकला हत्यारा,आईजी ने किया खुलासा
Magadh Express:रोहतास जिले के डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) विमल कुमार की शनिवार देर रात निर्मम हत्या कर दी गई। घटना औरंगाबाद जिले के बारुण थाना क्षेत्र अंतर्गत सोन नहर मार्ग की है, जब वे डेहरी से पटना स्थित अपने आवास लौट रहे थे। इस सनसनीखेज वारदात के बाद प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

शक के घेरे में आया चालक, कपड़ों पर मिले खून के धब्बे
घटना की सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने महज कुछ ही घंटों के भीतर अधिकारी के सरकारी वाहन के चालक मिथिलेश को हिरासत में ले लिया।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में चालक की भूमिका संदिग्ध पाई गई:
- कपड़ों पर खून के निशान: चालक मिथिलेश के कपड़ों पर खून के धब्बे पाए गए, जिससे उस पर शक गहरा गया।
- बयान बदलना: पूछताछ के दौरान उसने बार-बार अपने बयान बदले।
- स्वीकारोक्ति: कड़ाई से की गई पूछताछ में चालक ने वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है।
- परिजन का शक: मृतक विमल कुमार की पत्नी ने भी घटना के तुरंत बाद सबसे पहले चालक पर ही संदेह जताया था।

पोस्टमार्टम में बड़ा खुलासा: गोली नहीं, भारी हथियार/रॉड से पीट-पीटकर हुई हत्या
शुरुआती दौर में यह कयास लगाए जा रहे थे कि ईओ विमल कुमार की गोली मारकर हत्या की गई है। हालांकि, सासाराम सदर अस्पताल में गठित मेडिकल बोर्ड द्वारा किए गए पोस्टमार्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट ने मामले का रुख मोड़ दिया।
- पोस्टमार्टम की मुख्य बातें:
- शरीर पर गोली लगने का कोई निशान नहीं मिला है।
- शरीर पर कई गंभीर चोटों के निशान और टूटी हुई हड्डियां पाई गई हैं।
- गला, छाती और पीठ पर गहरे जख्म के निशान हैं।
- संभावित कारण: डॉक्टरों के शुरुआती निष्कर्षों के अनुसार, उनकी हत्या किसी भारी वस्तु या लोहे की रॉड से पीट-पीटकर बेरहमी से की गई है।

प्रशासनिक हलचल और आगे की कार्रवाई
घटनास्थल पर पहुंचे मगध रेंज के आईजी विकास वैभव ने मामले का जायजा लिया और जांच की प्रगति की समीक्षा की।
”चालक ने पूछताछ में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। हालांकि, पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि इस घटना में केवल चालक ही शामिल था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश और अन्य आरोपी भी मौजूद हैं।”
— विकास वैभव, आईजी (मगध रेंज)
आगे की जांच के मुख्य बिंदु:
हत्या का कारण: पुलिस अभी हत्या के पीछे के मुख्य कारण और मंशा की तलाश कर रही है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए हैं और फॉरेंसिक टीम (FSL) की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामले में कई और अहम खुलासे होने की संभावना है।इस दौरान औरंगाबाद एसपी उपेंद्र नाथ वर्मा मौजूद रहे ।
