औरंगाबाद: कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में अनियमितता पर प्रशासन सख्त, वार्डन का तबादला और नई प्रभार व्यवस्था लागू
Magadh Express:- औरंगाबाद जिला प्रशासन ने छात्राओं के अधिकारों, सुरक्षा और उनकी बुनियादी सुविधाओं के प्रति एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। जिला पदाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा की त्वरित पहल के बाद बारुण प्रखंड स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (सिरिस, टाइप-3) में सामने आई अनियमितताओं के मामलों में तत्काल प्रभाव से कड़ी कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई से जिले के अन्य आवासीय विद्यालयों में भी हड़कंप मच गया है।
क्या था पूरा मामला?
बारुण टाइप-3 स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की छात्राओं ने जिला पदाधिकारी को एक लिखित शिकायत सौंपी थी। छात्राओं की प्रमुख शिकायतें निम्नलिखित थीं:
- भोजन की निम्न गुणवत्ता: विद्यालय में परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता बेहद खराब होने की बात कही गई।
- मेन्यू की अनदेखी: निर्धारित साप्ताहिक मेन्यू और डाइट चार्ट का कड़ाई से पालन नहीं किया जा रहा था।
- व्यवस्थागत खामियां: छात्रावास संचालन और अन्य प्रशासनिक व्यवस्थाओं में भी गंभीर अनियमितताएं पाई गईं।
जिला प्रशासन की त्वरित और निर्णायक कार्रवाई
शिकायत मिलते ही जिला पदाधिकारी ने इसे अत्यंत गंभीरता से लिया और तत्काल जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) को मामले की निष्पक्ष व विस्तृत जांच का आदेश दिया।
जांच टीम जब विद्यालय पहुँची और धरातल पर पड़ताल की, तो छात्राओं द्वारा लगाए गए कई गंभीर आरोप सही पाए गए। भोजन, पोषण मानकों और छात्रावास के संचालन में भारी लापरवाही की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने निम्नलिखित प्रशासनिक फेरबदल और दंडात्मक कदम उठाए:
- वार्डन का स्थानांतरण: कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, बारुण (टाइप-3) की तत्कालीन वार्डन-सह-शिक्षिका श्रीमती गीता कुमारी को उनके पद से हटाते हुए उनका स्थानांतरण कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, कुटुम्बा (टाइप-1) कर दिया गया है।
- प्रभारी वार्डन की नियुक्ति: छात्रावास का संचालन सुचारु और पारदर्शी ढंग से चले, इसके लिए विद्यालय की शिक्षिका श्रीमती सपना प्रकाश को अगले आदेश तक विद्यालय का प्रभारी वार्डन नामित किया गया है।
- शिक्षकों का आपसी समायोजन: व्यवस्था को दुरुस्त करने के क्रम में अंकगणित की शिक्षिका सुश्री आँचल कुमारी का स्थानांतरण कुटुम्बा (टाइप-1) से बारुण (टाइप-3) कर दिया गया है।
- सख्त समय-सीमा: जिला प्रशासन ने आदेश दिया है कि संबंधित सभी कर्मी नियमों का पालन करते हुए दो दिनों के भीतर अपने प्रभार का आदान-प्रदान (चार्ज हैंडओवर) सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी की दो टूक: “शैक्षणिक हितों और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं”
पूरे मामले पर कड़ा संदेश देते हुए जिलाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा ने स्पष्ट किया है कि छात्राओं के साथ किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा:
“छात्राओं की सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण भोजन, बेहतर आवासीय व्यवस्था तथा उनके शैक्षणिक हितों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। भविष्य में ऐसी अनियमितता पाए जाने पर और अधिक कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
जिला प्रशासन ने यह भी आश्वस्त किया है कि जिले के सभी आवासीय विद्यालयों की अब नियमित और कड़ी निगरानी रखी जाएगी, ताकि वहां रहने वाली बेटियों को एक सुरक्षित, अनुशासित, और उच्च गुणवत्ता वाला शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
