औरंगाबाद: शिक्षा के क्षेत्र में नई क्रांति, जिले के 14 विद्यालयों का ‘सरस्वती विद्या निकेतन’ के रूप में हुआ लोकार्पण
Magadh Express: बिहार के शैक्षिक परिदृश्य में 19 जुलाई 2026 का दिन स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया है। मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी द्वारा बेगूसराय से राज्य के 551 विद्यालयों को ‘सरस्वती विद्या निकेतन’ (आदर्श विद्यालय) के रूप में विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना का शुभारंभ किया गया। इस ऐतिहासिक पहल के तहत औरंगाबाद जिले के 14 प्रमुख विद्यालयों को भी आधुनिक संसाधनों से सुसज्जित किया गया है, जो अब ग्रामीण अंचल के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा के नए केंद्र बनेंगे।

जिला स्तरीय मुख्य कार्यक्रम
जिले का मुख्य उद्घाटन समारोह सदर प्रखंड स्थित अनुग्रह इंटर कॉलेज (गेट स्कूल) में भव्य रूप से आयोजित हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधान पार्षद श्री दिलीप कुमार सिंह और जिला पदाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा मौजूद रहीं। दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का आगाज हुआ, जिसके बाद उपस्थित जनसमूह ने मुख्यमंत्री के संबोधन का सीधा प्रसारण देखा।

क्या हैं ‘आदर्श विद्यालय’ की विशेषताएं?
जिला पदाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा ने विद्यालय परिसर का निरीक्षण करने के उपरांत बताया कि इन विद्यालयों का उद्देश्य केवल भवन निर्माण नहीं, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता में क्रांतिकारी बदलाव लाना है। सरस्वती विद्या निकेतन के रूप में इन विद्यालयों में निम्नलिखित सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी:
- आधुनिक संसाधन: स्मार्ट कक्षाएं, अत्याधुनिक विज्ञान प्रयोगशालाएं और डिजिटल शिक्षण सामग्री।
- समग्र विकास: समृद्ध पुस्तकालय के साथ-साथ खेलकूद की बेहतर व्यवस्था।
- करियर और मार्गदर्शन: विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आधारभूत तैयारी और करियर काउंसलिंग।
- गुणवत्तापूर्ण शिक्षण: अनुभवी शिक्षकों द्वारा परिणामोन्मुख और अनुशासित शिक्षण व्यवस्था।

जिले के इन 14 विद्यालयों में बदला शैक्षणिक माहौल
औरंगाबाद जिले के जिन विद्यालयों को ‘आदर्श विद्यालय’ के रूप में नई पहचान मिली है, उनमें शामिल हैं:
- अनुग्रह इंटर कॉलेज, औरंगाबाद
- अनुग्रह कन्या उच्च विद्यालय, औरंगाबाद
- टाउन इंटर विद्यालय, औरंगाबाद
- राजकीयकृत उच्च विद्यालय, जम्होर (औरंगाबाद)
- देवांशी उच्च विद्यालय, सुंदरगंज (बारुण)
- उच्च विद्यालय, चरण महादेवा (नवीनगर)
- उच्च विद्यालय, डुमरी (कुटुंबा)
- राजा जगन्नाथ उच्च विद्यालय (देव)
- उच्च विद्यालय, बेरी (मदनपुर)
- रानी ब्रजराज उच्च विद्यालय, रफीगंज
- उच्च विद्यालय, रुकुंडी (गोह)
- उच्च विद्यालय, पथरौर (हसपुरा)
- राष्ट्रीय उच्च विद्यालय, दाउदनगर
- उच्च विद्यालय, ओबरा

भविष्य की आधारशिला: शिक्षा
जिला पदाधिकारी ने छात्र-छात्राओं से संवाद करते हुए उन्हें अनुशासन और नैतिक मूल्यों को अपने जीवन में उतारने की प्रेरणा दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि, “शिक्षा ही विकसित समाज की नींव है।” इन विद्यालयों के चयन से क्षेत्र के छात्र-छात्राओं में उत्साह का वातावरण है।

समारोह में उप विकास आयुक्त कुमारी अनुपम सिंह, जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री दयाशंकर सहित शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित थे। इस पहल से उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में जिले के सरकारी स्कूलों से निकलने वाले विद्यार्थी राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मेधा का परचम लहराएंगे।

