औरंगाबाद: ‘टीबी मुक्त भारत’ अभियान के तहत 300 मरीजों को मिला पोषण किट, जिला प्रशासन ने तय किया 2,000 मरीजों को गोद लेने का लक्ष्य
Magadh Express:औरंगाबाद जिले को टीबी (क्षय रोग) मुक्त बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण और मानवीय पहल की है। समाहरणालय स्थित नगर भवन में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में जिलाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा ने प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत 300 टीबी मरीजों के बीच पोषण किट (Nutrition Kit) का वितरण किया। प्रशासन का लक्ष्य जिले के सभी 1,951 अधिसूचित टीबी मरीजों को अगले छह माह तक लगातार यह पोषण सहयोग उपलब्ध कराना है।

स्क्रीनिंग में औरंगाबाद बना राज्य का अग्रणी जिला
जिलाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एक बड़ी उपलब्धि साझा की। उन्होंने बताया कि जब जिले में अभियान की समीक्षा शुरू हुई थी, तब स्क्रीनिंग की संख्या महज 15,000 थी। स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम के समन्वित प्रयासों से महज एक माह में स्क्रीनिंग का आंकड़ा 2 लाख 90 हजार तक पहुंच गया, जिसके कारण औरंगाबाद को राज्य के अग्रणी जिलों में गिना जा रहा है। वर्तमान में स्क्रीनिंग के साथ 15 से 17 प्रतिशत मरीजों का एक्स-रे भी सुनिश्चित किया जा रहा है।

पोषण किट में क्या है खास?
विशेषज्ञों की सलाह पर तैयार की गई इस पोषण किट को अधिक प्रभावी बनाया गया है। जिलाधिकारी ने बताया कि मरीजों की रिकवरी के लिए प्रोटीन और ऊर्जा की आवश्यकता को देखते हुए किट में निम्नलिखित सामग्री शामिल की गई है:
- चना दाल और सोया चंक्स (प्रोटीन के मुख्य स्रोत)
- मूंगफली, मिल्क पाउडर और आटा
- अन्य उच्च ऊर्जा युक्त खाद्य सामग्री

’निक्षय मित्र’ और प्रशासन का संकल्प
जिला प्रशासन का लक्ष्य जिले के लगभग 2,000 मरीजों को इस अभियान से जोड़कर उन्हें छह माह तक हर महीने पोषण किट उपलब्ध कराना है। इसके लिए ‘निक्षय मित्र’ पहल और सीएसआर (CSR) फंड के माध्यम से विभिन्न संस्थाओं का सहयोग लिया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि संक्रमण को रोकने के लिए ‘टीबी प्रिवेंटिव केयर’ पर भी जोर दिया जा रहा है। यदि किसी परिवार में कोई टीबी मरीज मिलता है, तो उनके संपर्क में आने वाले सभी परिजनों की जांच की जाएगी और उन्हें आवश्यक निवारक दवाएं भी दी जाएंगी।

’टीबी अब लाइलाज नहीं’
सिविल सर्जन ने लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि टीबी अब लाइलाज बीमारी नहीं है। समय पर पहचान और लगातार छह माह तक दवा के सेवन से इसका पूर्ण उपचार संभव है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश के किसी भी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर ये दवाएं निःशुल्क उपलब्ध हैं।

कार्यक्रम में रहीं अधिकारियों की उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त कुमारी अनुपम सिंह, सिविल सर्जन, जिला पंचायती राज पदाधिकारी इफ्तेखार अहमद, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्रीमती श्वेता प्रियदर्शी, जिला योजना पदाधिकारी श्री अविनाश प्रकाश सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी सेविकाएं और भारी संख्या में टीबी मरीज उपस्थित थे।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शेष मरीजों को प्रखंड स्तर पर शिविर लगाकर चरणबद्ध तरीके से किट वितरित की जाएगी, ताकि भीड़ न हो और संक्रमण का खतरा भी न रहे।
