औरंगाबाद: घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं को संबल, पुनर्वास हेतु मिलेगी आर्थिक सहायता; 27 आवेदिकाओं के मामलों की होगी समीक्षा
Magadh Express:औरंगाबाद जिले में घरेलू हिंसा और कठिन परिस्थितियों का सामना कर रही महिलाओं के सशक्तिकरण और उनके पुनर्वास के लिए जिला प्रशासन ने सक्रिय कदम उठाए हैं। समाहरणालय में जिला प्रोग्राम पदाधिकारी श्रीमती विनीता कुमारी की अध्यक्षता में ‘सामाजिक पुनर्वास प्रबंधन जिला स्तरीय समिति’ की बैठक आयोजित की गई, जिसमें पीड़ित महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करने और उनके जीवन को नई दिशा देने की कार्ययोजना पर चर्चा की गई।
15 हजार रुपये तक की आर्थिक मदद का प्रावधान
बैठक के दौरान वन स्टॉप सेंटर की ओर से जानकारी दी गई कि घरेलू हिंसा से पीड़ित वे महिलाएँ, जिनके मामले केंद्र में दर्ज हैं और जो पात्रता मानदंडों को पूरा करती हैं, उन्हें सामाजिक पुनर्वास के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। इस योजना के तहत महिलाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने अथवा चिकित्सा सहायता के लिए ₹10,000 से ₹15,000 तक की राशि प्रदान की जाती है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पीड़ित महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि वे सम्मान के साथ अपना जीवन यापन कर सकें।
27 महिलाओं के आवेदनों का होगा सत्यापन
जिला प्रोग्राम पदाधिकारी ने बैठक में लंबित आवेदनों की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि कुल 27 आवेदिकाओं को अगली बैठक में वन स्टॉप सेंटर, औरंगाबाद में अनिवार्य रूप से उपस्थित कराया जाए। आवेदिकाओं को निर्देश दिया गया है कि वे अपने साथ पहचान के लिए अपना फोटोयुक्त पहचान पत्र (जैसे- [Aadhaar Redacted]) एवं अन्य आवश्यक अभिलेख लेकर आएं। इन दस्तावेजों के आधार पर आवेदनों का विधिवत परीक्षण किया जाएगा ताकि उनके पुनर्वास की प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके।
विभागीय समन्वय पर जोर
बैठक में पुनर्वास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष बल दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि पीड़ित महिलाओं को केवल आर्थिक मदद ही नहीं, बल्कि उन्हें कानूनी और सामाजिक सुरक्षा का पूरा वातावरण प्रदान करना भी प्रशासन का दायित्व है।
इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला अभियोजन पदाधिकारी श्रीमती अमला सिंह, जिला परियोजना प्रबंधक श्री विनय प्रताप सिंह, केंद्र प्रशासक श्रीमती कांति कुमारी और ‘पथ प्रदर्शक’ एनजीओ की प्रतिनिधि श्रीमती किरण कुमारी सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
जिला प्रशासन की इस पहल से घरेलू हिंसा का शिकार हुई महिलाओं में उम्मीद की किरण जगी है। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में यह सहायता राशि और विभागीय सहयोग महिलाओं को समाज की मुख्यधारा में पुनः स्थापित करने में सहायक सिद्ध होगा।
