Aurangabad:प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (PM-AJAY): औरंगाबाद के 238 गांवों के विकास का खाका तैयार, प्रत्येक गांव को मिलेंगे ₹21 लाख

0
IMG-20260711-WA0003

Magadh Express:-अनुसूचित जाति बाहुल्य गांवों के सर्वांगीण विकास और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना’ (PM-AJAY) के प्रभावी क्रियान्वयन की कवायद औरंगाबाद जिले में तेज हो गई है। इसी कड़ी में शुक्रवार को समाहरणालय के सभा कक्ष में एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
जिला पदाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यशाला की अध्यक्षता प्रभारी उप विकास आयुक्त श्री इफ्तेखार अहमद ने की। कार्यशाला में योजना के क्रियान्वयन, विभागों के बीच बेहतर समन्वय और ग्राम विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।

क्या है PM-AJAY का लक्ष्य?

जिला कल्याण पदाधिकारी ने कार्यशाला में बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति बहुल गांवों का समावेशी विकास करना है। इसके तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, पेयजल, स्वच्छता, सामाजिक सुरक्षा, ग्रामीण सड़क एवं आवास, बिजली, कृषि, वित्तीय समावेशन और कौशल विकास जैसे 10 प्रमुख क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं का प्रभावी अभिसरण (Convergence) सुनिश्चित किया जाएगा।

औरंगाबाद जिले के 238 गांवों का होगा कायाकल्प

बिहार राज्य में चयनित 3021 गांवों में औरंगाबाद जिले के 238 गांवों को विशेष रूप से शामिल किया गया है। प्रखंडवार चयन की स्थिति इस प्रकार है:

प्रखंड का नामचयनित गांवों की संख्या
कुटुंबा39
नवीनगर34
मदनपुर31
बारुण29
रफीगंज22
देव21
ओबरा18
औरंगाबाद13
गोह11
हसपुरा11
दाउदनगर09

वित्तीय प्रावधान और कार्य योजना

योजना के तहत प्रत्येक चयनित गांव के लिए ₹21 लाख की राशि आवंटित की गई है। इस धनराशि के उपयोग को दो भागों में बांटा गया है:

  • विकास कार्य: ₹20 लाख सीधे बुनियादी ढांचों के निर्माण और विकास कार्यों पर खर्च होंगे।
  • प्रशासनिक व क्षमता निर्माण: ₹1 लाख की राशि प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और जन-जागरूकता गतिविधियों के लिए आरक्षित रखी गई है।

प्रशासन की सख्ती: समयबद्ध कार्य पर जोर

प्रभारी उप विकास आयुक्त श्री इफ्तेखार अहमद ने उपस्थित सभी विभागीय पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे आपसी समन्वय बनाकर निर्धारित समय-सीमा के भीतर गांवों का आधारभूत सर्वेक्षण (Base Survey) पूरा करें। उन्होंने कहा कि आवश्यकताओं का सही आकलन और सटीक ग्राम विकास योजना ही इस योजना की सफलता की कुंजी है।कार्यशाला में जिला योजना पदाधिकारी श्री अविनाश प्रकाश, निदेशक डीआरडीए श्री अनुपम कुमार और जिला कल्याण पदाधिकारी सहित जिले के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed