औरंगाबाद: नवीनगर हत्याकांड का खुलासा, पुलिस ने 4 नाबालिगों को किया निरुद्ध,दादी के साथ की गई बदसलूकी का बदला लेने के लिए इस हत्याकांड को दिया गया अंजाम
Magadh Express:बिहार के औरंगाबाद जिला अंतर्गत नवीनगर थाना क्षेत्र में हुए एक सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने सफल उद्भेदन कर लिया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में संलिप्त 4 विधि-विरुद्ध बालकों (नाबालिगों) को निरुद्ध किया है।
क्या है पूरा मामला?
बीते 2 मई 2026 को नवीनगर थाना क्षेत्र के ग्राम-दिग्घी पोखराही स्थित रेलवे अंडर ब्रिज के पास एक खेत से 20 वर्षीय पीयूष कुमार (पिता- विजय सिंह) का शव बरामद किया गया था। शुरुआत में इसे गुमशुदगी के रूप में दर्ज किया गया था (कांड संख्या-104/26), जिसे बाद में हत्या की सुसंगत धाराओं में परिवर्तित कर दिया गया।

पुलिस की कार्रवाई और SIT का गठन
मामले की गंभीरता को देखते हुए औरंगाबाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर-01 के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए डॉग स्क्वाड और FSL की टीम से घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण कराया। सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी विश्लेषण और खुफिया सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने चार आरोपियों की पहचान की।
बदला लेने के लिए की गई हत्या
पुलिस पूछताछ में निरुद्ध किए गए बालकों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। पूछताछ में यह चौंकाने वाली बात सामने आई कि:
- वजह: पीयूष कुमार द्वारा आरोपियों में से एक बालक की दादी के साथ की गई बदसलूकी का बदला लेने के लिए इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया।
- साजिश: आरोपियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से पीयूष को नवीनगर स्टेशन के पास नहर पुल पर बुलाया और फिर दिग्घी पोखराही रेलवे अंडर ब्रिज के पास ले जाकर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।
- साक्ष्य मिटाने की कोशिश: आरोपियों ने मृतक का मोबाइल, घड़ी और जूते अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिए थे। जिस किशोर ने सोशल मीडिया के जरिए संपर्क किया था, उसने अपना मोबाइल फोन भी साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से जला दिया था।
बरामदगी
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर निम्नलिखित सामान बरामद किया है:
- कुल 05 मोबाइल फोन (जिसमें मृतक का मोबाइल और आरोपी का जला हुआ फोन शामिल है)।
औरंगाबाद पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र में कानून-व्यवस्था के प्रति विश्वास बढ़ा है। फिलहाल सभी चारों नाबालिगों को पुलिस अभिरक्षा में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।